Saturday, March 7, 2026
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ज्वैलर्स का लाखों का सोना लेकर भागा कारीगर

  • गायब कर दिए गए सोने की कीमत करोड़ों में होने की आशंका
  • बंगाल के कारीगर को आभूषण बनाने के लिए कारोबारियों ने था दिया
  • पीड़ित कारोबारी पहुंचे थाना देहलीगेट आरोपी बंगाली कारीगर के खिलाफ दी तहरीर

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: शहर सराफा बाजार से एक कारोबारी का लाखों कीमत का सोना लेकर एक बार फिर एक अन्य बंगाली कारीगर फरार हो गया है। आशंका है कि कुछ अन्य का भी सोना यह कारीगर लेकर भागा है जिसके चलते आशंका है कि सोने की कीमत करोड़ों में पहुंच सकती है। हालांकि यह भी आशंका है कि कुछ ऐसे भी कारोबारी हो सकते हैं कि जिनका सोना यह कारीगर ले गया हो और वो किन्हीं कारणों के चलते पुलिस के सामने आने से कन्नी काट रहे हों।

ये है पूरा मामला

कारोबारी परमेश्वर जाधव की देहलीगेट थाना के ब्रज मार्केट प्रथम तल पर रामो हलवाई के पास कागजी बाजार में दुकान है। यह कारोबारी सोना खरीदकर उनके आभूषण तैयार कराकर सप्लाई का काम करते हैं। उनके पास कई कारीगर हैं जो इनसे सोना लेकर जात हैं तथा जो भी आर्डर होता है, उसको तैयार करते हैं। ऐसे ही एक कारीगर संदीप भौरी पुत्र कृष्णा भौरी निवासी ग्राम काकनन थाना कानाकूल जिला हुंगली पश्चिम बंगाल और हाल निवासी बैंक कालोनी, ईश्वरपुरी फूल मंड़ी, जिनकी ब्रज मार्केट के दूसरे तल पर दुकान हैं,

उन्हें 150 ग्राम तथा 680 ग्राम सोना आभूषण बनाने के लिए दिया था। इसकी कीमत करोड़ों में बैठती है। कारोबारी ने बताया कि कारीगर संदीप मौरी को उनके सोने का आर्डर तैयार कर 10 नवंबर को देना था, लेकिन 8 नवंबर को जब वह अपनी दुकान पर बैठे थे तो जानकारी हुई कि बंगाली कारीगर जिसको उन्होंने आभूषण तैयार करने के लिए सोना दिया है, वह व उसकी पत्नी भाग्यश्री उनका व अन्य कई दुकानदारों का सोना लेकर भाग गए हैं।

सभी जगह कर चुके तलाश

परमेश्वर जाधव ने बताया कि यह सुनकर उनके पैरों तले से जमीन खिसक गयी। उन्होंने संदीप की तैलाश शुरू की। उसके तमाम मोबाइल नंबरों पर काल की, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। उन्हें रिप्लाई नहीं मिला। जहां भी कारीगर के ठिकाने थे जहां वह मिल सकता था वो सारी जगह इस कारोबारी ने खंगाल डाली, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। थक हार कर कारोबारी आज शुक्रवार को थाना देहलीगेट पहुंचे और तहरीर दी। उन्होंने इस मामले को लेकर मेरठ बुलियन ट्रेडर्स एसोसिएशन के महामंत्री विजय आनंद अग्रवाल का भी अवगत करया है।

कई साल से है बाजार में

कारोबारी ने बताया कि कारोबार में भरोसे पर चलता है। बाजार में अक्सर इस प्रकार की घटनाएं सुनने को मिलती हैं। इसके बाद भी कारोबारी को भरोसा करते हुए ही दूसरे कारीगरों को सोना देना पड़ता है। जो कारीगर सोना लेकर भागा है वो भी पिछले कई साल से बाजार मे काम कर रहा है। जो शख्स इतने सालों से साथ काम कर रहा हो, उस पर भरोसा ना किए जाने का कोई कारण भी नहीं बनता।

थाने पहुंचे कारोबारी और पदाधिकारी

अमानत में खयानत के इस मामले को लेकर कारोबारी को साथ लेकर मेरठ बुलियन ट्रेडर्स के महामंत्री विजय आनंद व अध्यक्ष तथा अन्य पदाधिकारी थाना देहलीगेट पहुंचे। घटना को लेकर दोनों ने अलग-अलग तहरीर दी है। इसके अलावा यह भी उम्मीद की जा रही है कि कुछ अन्य कारोबारी भी तहरीर लेकर आ सकते हैं।

कर लिया गया मामला दर्ज

इंस्पेक्टर देहलीगेट ने बताया कि दोनों कारोबारियों ने तहरीर दी है। मामला दर्ज कर लिया गया है। फरार हुए कारोबारी की तलाश में पुलिस जुट गयी है।

ये कहना है बुलियन ट्रेडर्स का

मेरठ बुलियन ट्रेडर्स के महामंत्री विजय आनंद अग्रवाल ने बताया कि कुछ अन्य कारोबारी भी हो सकते हैं। जिनका सोना लेकर यह कारीगर गायब हुआ है। उन्होंने सभी बंगाली कारीगरों से अपील की है कि अपने साथियों को समझाएं कि इस प्रकार से सोना लेकर ना भागे।

बादस्तूर जारी है सोना लेकर कारीगरों के भागने का सिलसिला

सराफा कारोबारियों के साथ लूट व ठगी की घटनाओं की यूं तो अपुष्ट सूत्रों की मानें तो लंबी फेहरिस्त है, लेकिन यहां केवल उन घटनाओं का जिक्र किया जा रहा है, जो बीते छह सालों में यानि साज 2017 से पुलिस लिखा पढ़ी में आयी हैं। इनमें 25 जनवरी 2017 अक्षय जैन नील की गली के साथ वारदात इसी दिन ब्रजमोहन मोदी कागजी बाजार के साथ कोतवाली क्षेत्र में वारदात, 11 मार्च 2017 मुकेश रस्तोगी देहली गेट क्षेत्र में लूट, 8 मई 2017 सुशील वर्मा लाला का बाजार कोतवाली क्षेत्र में लूट,

23 जुलाई 2017 राजेश मलिक शास्त्रीनगर देहलीगेट क्षेत्र में लूट, 16 अगस्त 2017 कृष्ण अवतार अग्रवाल काशीपुर के साथ देहलीगेट क्षेत्र में लूट, 17 जुलाई 2019 बांके बिहारी अग्रवाल वेदव्यासपुरी परतापुर 23 लाख से ज्यादा की चोरी, 8 जुलाई 2019 रंजीत बेरा डालमपाड़ा हरिपर्वत आगरा में पचास लाख से ज्यादा की लूट, 8 सितंबर 2019 अनिल वर्मा सहारनपुर देहलीगेट क्षेत्र में लूट, 18 सितंबर 2019 विपिन वर्मा वैली बाजार देहलीगेट क्षेत्र में लूट, 19 नवंबर 2019 देहलीगेट क्षेत्र में लूट, 30 नवंबर 2020 तपस प्रमाणिक होली मोहल्ला कोतवाली क्षेत्र में लूट,

21 जून 2021 पवन माहेश्वरी मैसर्स मूदडा ज्वैलर्स सोने की पांच चेन लूट ली गयीं, लेकिन पुलिस ने मामला दर्ज नहीं किया, 26 दिसंबर 2022 तेजपाल शास्त्रीनगर नौचंदी क्षेत्र में लूट, 17 अगस्त 2021 सौरभ गर्ग मैसर्स राज ज्वैलर्स शास्त्रीनगर नौचंदी क्षेत्र में लूट, 28 जुलाई 2022 नितिन वर्मा कागजी बाजार 11 लाख का सोना लूटा, 30 जुलाई 2022 गौरव रस्तोगी कागाजी बाजार पांच लाख की लूट मामला दर्ज नहीं,

30 जुलाई 2022 मनोज कुमार नील की गली पांच लाख से ज्यादा का सोना लूट मामला दर्ज नहीं, 30 जुलाई 20022 नीशू वर्मा कागजी बाजार 7.5 लाख के सोने की लूट मामला दर्ज नहीं, 30 जुलाई 2022 गौरव कपूर नील की गली 15 लाख का सोना लूट मामला दर्ज तक नहीं, 9 अगस्त 2022 प्रशांत जैन सदर बाजार करीब 64 लाख के सोने की लूट, 25 अगस्त 2022 हेमेन्द्र राणा नौचंदी 1.5 लाख की चांदी की लूट, 29 सितंबर 2022 अनिल जैन सदर कैंट सदर बाजार 12.5 लाख के सोने की लूट, 29 सितंबर 2022 चंदन कोइल्या सदर क्षेत्र 12.5 लाख की लूट केस दर्ज नहीं,

17 जनवरी 2023 अनुज जैन सदर बाजार क्षेत्र में लूट, 21 फरवरी 2023 आयुष जैन सदर क्षेत्र 15 लाख की लूट, 28 मार्च 2023 पीयूष गर्ग नौचंदी क्षेत्र में 12 लाख की चोरी, 20 अप्रैल 2023 सुरेश चंद वर्मा जीआरपी क्षेत्र में लूट/चोरी, 19 मई 2023 अर्चित जैन टीपीनगर क्षेत्र में गोल्ड लूट, 7 जून 2023 राजकुमार वर्मा बड़ौत से देहलीगेट इलाके में इरानी गिरोह ने दी लूट की वारदात अंजाम, 23 जून 2023 संजीव वर्मा सदर क्षेत्र में गोल्ड लूट, 25 जुलाई शशांक अग्रवाल लाखों की लूट केस दर्ज नहीं,

25 जुलाई 2023 संजय वर्मा लाखों का सोना लूटा केस दर्ज नहीं, 27 जुलाई 2023 नमन जैन 10 लाख कैश लूट केस दर्ज नहीं, 3 अगस्त 2023 जहांगीर मलिक सिहानीगेट में करीब 37 लाख की लूट और 11 नवंबर को कूचा नील के आशीष व अशोक नाम के कारोबारी से देहलीगेट क्षेत्र में 50 लाख के सोने की अमानत में ख्यानत है और बीते 8 नवंबर की घटना, कारोबारियों का कहना है कि यह सिलसिला थमता नजर नहीं आ रहा है।

कुछ का खुलासा, कुछ तक दर्ज नहीं

उक्त में कई घटनाएं ऐसी भी हैं जिनका पुलिस ने खुलासा कर दिए जाने का दावा किया है। हालांकि यह स्पष्ट नहीं हो सका कि उक्त में से कितनी वारदातों का खुलासा हुआ और उसमें कितना फीसदी माल बरामद किया गया। एक बार माल बरामद कर लिए जाने के बाद क्या बाकी का माल भी बरामद किया गया या नहीं। करीब दर्जन भर घटनाएं ऐसी भी हैं जो दर्ज ही नहीं की गयी हैं। ऐसा क्यों हुआ तब क्या हालात थे। पुलिस ने दर्ज नहीं की या फिर कारोबारी जो लूट का शिकार हुए उन्होंने ही दर्ज नहीं करायी, लेकिन घटनाएं दर्ज नहीं की गयी इस बात का पुख्ता सबूत है।

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