Friday, March 27, 2026
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नगर निगम में नहीं बन सके जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र

  • बिजली जाते ही ठप हो गया नगर निगम का स्वास्थ्य अनुभाग, रही परेशानी

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: दूसरों की समस्या का तो तब समाधान होगा, जब खुद किसी समस्या में परेशान न होंगे। कुछ ऐसा ही हाल नगर निगम के जन्म-मृत्यु अनुभाग का हो रहा है। घंटों की बिजली कटौती से जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र अनुभाग में सब कुछ ठप हो गया। यहां के सभी अधिकारी व कर्मचारी घंटों तक घुप्प अंधेरे में बैठे रहे। आॅनलाइन प्रक्रिया भी ठप होने से नागरिकों को भी भारी परेशानी हुई। सुबह से बिजली न होने का दंश कर्मचारियों के साथ-साथ जनता को भी भुगतना पड़ा। दोपहर बाद बिजली सुचारू होने से राहत तो मिली, लेकिन आॅन लाइन प्रक्रिया देर शाम तक ही शुरू हो सकी।

नगर निगम के जिम्मे जनता को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने का दायित्व है, लेकिन नगर निगम के अफसरान जनता के लिए क्या सुविधाएं मुहैया करायेंगे, जब उन्हें अपने ही मातहत कर्मचारियों और अनुभागों की सुध नहीं है। नगर निगम के अधिकारियों की इसी लापरवाही का खामियाजा इन दिनों यहां के सभी अनुभागों के कर्मचारियों को भुगतना पड़ रहा है। नगर निगम में अधिकांशत: विभागों की प्रक्रिया को आॅनलाइन कर दिया गया है। अब आपकी कोई भी समस्या है तो आप नगर निग की वेबसाइट पर उससे संबंधित फीडबैक दे सकते हैं।

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अथवा अपनी समस्या या टैक्स जमा कर सकते हैं। जन्म-मृत्यु अनुभाग को भी आॅनलाइन कर दिया गया है। पहले मैन्युअल फार्म भरे जाते थे, लेकिन अब जन्म-मृत्यु की प्रक्रिया आॅन लाइन होने पर डिजिटल हस्ताक्षरों से इस प्रक्रिया का संचालन किया जाता है। शुक्रवार को नगर निगम मुख्यालय जोन जब खुला तो उसके एक घंटे बाद एकाएक बिजली ठप हो गई। सुबह लगभग 11 बजे जब बिजली गर्ई। तब सबसे ज्यादा भीड़ नगर निगम के प्रथम तल पर स्थित जन्म-मृत्यु अनुभाग में हो रही थी। बिजली ठप होते ही जन्म-मृत्यु अनुभाग के सारे कम्प्यूटर ठप हो गये तथा पूरे ही अनुभाग में अंधेरा छा गया। तीन घंटे तक बिजली न आने से यहां सब काम ठप रहे।

अनुभाग में अंदर कर्मचारी तो बैठे रहे, लेकिन कंप्यूटर ही न चलने से वह भी मजबूर थे। बिजली व्यवस्था नहीं रहने से वह कोई कार्य नहीं कर पा रहे थे। विभिन्न कार्यों से आए दर्जनों लोगों ने बताया कि पहले भी कई बार बिजली न होने से भी उन्हें बिना काम करवाए वापस लौटना पड़ा था। यहां के अधिकारियों को लोगों की सुविधा से कोई लेना देना नहीं है। आम जन परेशान हैं और अधिकारियों को कोई फर्क नहीं पड़ रहा है। इतने बड़े भवन में जनरेटर की सुविधा नहीं है। जबकि कम से कम जन्म-मृत्यु अनुभाग में तो जनरेटर या इनवर्टर की व्यवस्था होनी चाहिए। दोपहर बाद बिजली आने से जनता कुछ राहत की सांस ले पाती, लेकिन लखनऊ मुख्यालय से कंप्यूटरीकृत प्रणाली कनेक्ट न होने की वजह से किसी का भी प्रमाण पत्र जारी नहीं हो सका।

अनुभाग में मिनी जनरेटर के लिए प्रस्ताव दिया: प्रभारी

जन्म मृत्यु अनुभाग के प्रभारी दिनेश सिंह का कहना है कि हमने इस अनुभाग में अलग से मिनी जनरेटर लगवाने के लिए आवेदन दे रखा है, लेकिन बजट की बात कहते हुए उसका क्रियान्वयन नहीं किया जा रहा है। सबसे बड़ी दिक्कत यह होती है कि सारी प्रक्रिया आॅनलाइन है। अब बिजली न होने से कई बार कंप्यूटर में बैक अप भी नहीं मिल पाता है।

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