- रोडवेज अड्डों के शौचालय बदहाल यात्री परेशान
- दुरुस्त होंगे तो मिल सकता है स्वच्छता को बढ़ावा
- साफ-सफाई तो दूर शौचालय तक जाना भी हुआ मुहाल
- कदम-कदम पर गंदगी का अंबार, महीनों से नहीं हुई साफ-सफाई
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: भारत को स्वच्छ रखने की मुहिम के साथ जब जनता ही नहीं जुड़ेगी तो अव्यवस्था फैलना लाजिम है। कुछ ऐसा ही हाल लाखों की लागत से बने सुलभ शौचालयों की हो रही है। रोडवेज अड्डों के पास शौचालय बदहाल होने से जनता उनका इस्तेमाल नहीं कर पा रही है। कई जगह तो साफ सफाई दूर, शौचालक तक पहुंचना मुहाल हो गया है। कदम-कदम पर गंदगी के अंबार लगे हैं। महीनों से सफाई न होने से इनका इस्तेमाल ही नहीं हो पा रहा है।
शहर में स्वच्छ भारत मिशन के तहत बनाए सुलभ शौचालय तीन साल में बदहाल हो गए हैं। यहां अब न तो पानी की व्यवस्था है और न ही नियमित सफाई कराई जा रही है। जिस कारण बाहर से आने वाल निवासियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। शहर की स्वच्छता और सौंदर्यीकरण में घरों के टॉयलेट और सुलभ शौचालय काफी महत्वपूर्ण स्थान है। सुलभ शौचालयों की समुचित व्यवस्था होने का असर शहर की सफाई पर भी पड़ता है।
कुछ जगहों के सुलभ शौचालय को छोड़कर अन्य की स्थिति काफी खराब है। गंदगी और बदबू के कारण यहां जाने से लोग परहेज करते हैं। नतीजा जरूरत पड़ने पर शहर के कई लोग सड़क किनारे ही मल-मूत्र त्यागने को विवश है। जिस कारण शहर में गंदगी फैलती रहती है। शहर के कई इलाके में सड़क किनारे आज भी मल मूत्र और गंदगी दिख जाती है। नगर के कई मौहल्ले ऐसे हैं जहां लोग घरों में शौचालय टंकी नहीं बनवाते हैं और मल मूत्र को नाली में ही गिरा देते हैं। इसका असर सफाई पर भी पड़ता है। इस स्थिति में हम स्वच्छता रैंकिग में बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद नहीं कर सकते।
शहर में नगर निगम की ओर से सुलभ शौचालय बनवाये गये थे। अभी फिलहाल नगर निगम ने स्वच्छ भारत मिशन के तहत 12 नये सुलभ शौचालय और बनवाये हैं। लेकिन पुरानों के साथ-साथ यह नये सुलभ शौचालय भी इतने अधिक बदहाल हो चुके हैं कि वह उपयोग करने लायक भी नहीं रह गया है। गंदगी के कारण आम लोग व यात्री कई बार शुलभ शौचालय का उपयोग करने से भी कतराते हैं।

सोहराब गेट बस स्टैंड का शौचालय बदहाल
सोहराब गेट बस स्टैंड के पास बना सुलभ शौचालय बदहाल हो गया है। साफ-सफाई के अभाव के कारण शौचालय में गंदगी फैली हुई है। जिसके कारण बस स्टैंड से रोजाना सफर कर रहे यात्री परेशान है। प्रसाधन की उचित सुविधा यात्रियों व लोगों को नहीं मिल पा रही है। खासकर बस स्टैंड से रोजाना गुजरे रहे कामकाजी महिलाओं को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
नौचंदी के शौचालय नहीं कर सकते इस्तेमाल
नौचंदी मैदान के पास बनवाये गये सुलभ शौचालय लंबे समय से बदहाल अवस्था में है। शौचालय में देखरेख के लिए अब कोई कर्मचारी भी नहीं रहता और न ही शौचालय की सफाई की उचित व्यवस्था है। यहां जैदी फार्म, जैदी सोसाइटी, नौचंदी मैदान, राजेन्द्र नगर आदि क्षेत्रों के नागरिकों को सुविधा देने के लिए बनवाये गये थे, लेकिन यह ऐसे बदहाल हो चुके हैं कि इनका इस्तेमाल ही नहीं किया जा सकता है।
मजबूरी में करना पड़ता है इस्तेमाल
रोडवेज व प्राइवेट बस स्टैंडों के पास के सुलभ शौचालयों में कोई व्यवस्था दुरुस्त न होने के बावजूद जनता को इन अव्यवस्थित शौचालयों का ही प्रयोग करना पड़ता है। आसपास दूसरा शौचालय नहीं होने के कारण मजबूरी में यहां आना पड़ता है। नगर निगम की ओर से इन सुलभ शौचालयों के रख रखाव व सफाई की ओर बिलकुल ध्यान नहीं दिया जाता है। सुलभ शौचालय की सफाई न होने की रोडवेज के अधिकारी और यात्री भी दर्जनों बार शिकायतें कर चुके हैं, लेकिन इसके बाद भी व्यवस्थाएं दुरुस्त नहीं की गई हैं।
महापौर कार्यालय के पास ताले में बंद है शौचालय
दूसरों को नसीहत तो तब दी जायेगी, जब अपनी व्यवस्था ही दुरुस्त होगी। यहां तो जिम्मेदार ही पूरी तरह से आंखे मूंदे हुए हैं। इससे अव्यवस्था का खुद ही अंदाजा लगाया जा सकता है। महापौर कार्यालय सूरज कुंड के पास स्थित है। माहपौर कार्यालय से चंद कदम की दूरी पर ही नगर निगम की ओर से स्वच्छता मिशन के तहत शौचालय बनवाया गया है,
लेकिन बनने के महीने भर बाद ही इसपर जो ताला लगाया गया है, तो उसको अब तक खोला नहीं गया है। रखरखाव के अभाव में इस शौचालय के दरवाजे भी आधे तोड़ दिये गये हैं। टोटियां गायब हो गई हैं, और सीटें भी गंदगी से अटी पड़ी हैं। मजाल नहीं कि महापौर अपने कैंप कार्यालय के पास के इन सुलभ शौचालयों की सुध भी ले सकें।
नगर निगम के निर्माण अनुभाग ने सुलभ शौचलयों का निर्माण कराया है। शौचालयों की सफाई के लिए तो हमारे स्वच्छता मित्रों की दो पालियों में ड्यूटियां लगाई गई हैं। नगर आयुक्त ने तो सफाई के लिए सख्त निर्देश दे रखे हैं। हम कल से नगरीय सीमा के सभी सुलभ शौचालयों की सफाई के लिए टीम भेजेंगे। -डा. हरपाल सिंह, प्रभारी नगर स्वाथ्य अधिकारी, नगर निगम

