जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार के दूसरे कार्यकाल का पहला मंत्रिमंडल विस्तार हो गया है। मंगलवार शाम को राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने चार नेताओं को मंत्री पद की शपथ दिलाई। मंत्रिमंडल के विस्तार में चार नाम शामिल हैं, जिसमें सुभासपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर, भाजपा विधान परिषद सदस्य दारा सिंह चौहान, राष्ट्रीय लोकदल के विधायक अनिल कुमार और भाजपा के साहिबाबाद से विधायक सुनील शर्मा ने मंत्री पद की शपथ ली।
…तो ये हैं दारा सिंह चौहान
दारा सिंह चौहान को घोसी सीट पर विधानसभा उपचुनाव के बाद भी मंत्री बनाए जाने के कयास लगाए जा रहे थे। उपचुनाव में वह अपने समुदाय का वोट भी पूरी तरह प्राप्त नहीं कर सके वह सपा प्रत्याशी सुधाकर सिंह से करीब 42 हजार वोटों से हार गए थे। इसके बाद विधान परिषद उप चुनाव में भाजपा ने उन्हें प्रत्याशी बनाया, जिसमें दारा सिंह चौहान निर्विरोध निर्वाचित हुए। दारा सिंह चौहान को गृहमंत्री अमित शाह का करीबी माना जाता है। वह नोनिया समाज से आते हैं जो कि पूर्वांचल में काफी प्रभावी माना जाता है।
ये हैं मंत्री पद की शपथ लेने वाले सुनील शर्मा
सुनील कुमार शर्मा पेशे से वकील हैं। उन्होंने 2017 में भी सबसे बड़ी जीत का रिकॉर्ड बनाया था। उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले की साहिबाबाद सीट से भाजपा के सुनील शर्मा ने 2022 के विधानसभा चुनाव में बड़ी जीत हासिल कर इतिहास रचा था। उन्होंने दो लाख 14 हजार से ज्यादा वोटों से जीत हासिल की थी। 2017 के यूपी विधानसभा चुनावों में भी सुनील कुमार शर्मा को बड़ी जीत मिली थी। उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी अमरपाल को 1,50,685 वोटों के बड़े अंतर से हराया था।
ये हैं पुरकाजी विधायक अनिल कुमार
प्रदेश के मंत्रिमंडल विस्तार में रालोद कोटे से पुरकाजी विधायक अनिल कुमार को मंत्री बनाया गया है। बताया जा रहा है कि शनिवार रात रालोद अध्यक्ष जयंत सिंह की कॉल के बाद उनके मंत्री बनने की पुष्टि हुई। कॉल के बाद ही अनिल कुमार अपने समर्थकों के साथ लखनऊ पहुंच गए। विधायक मूल रूप से सहारनपुर के गांव तहारपुर के रहने वाले हैं।
आखिरकार मंत्रिमंडल में शामिल हुए राजभर
सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने गाजीपुर की जहूराबाद से रिकॉर्ड 45632 मतों से भाजपा के कालीचरण राजभर को हराया था। वह पिछले वर्ष जुलाई में भाजपा के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन में शामिल हो गए थे लेकिन मंत्री बनने के लिए उन्हें लंबा इंतजार करना पड़ा।
एनडीए में शामिल होने और मंत्री बनने के बीच में उन्होंने मंत्री पद पाने के लिए कई बार दबाव बनाया। राजभर ने अभी कुछ दिन पहले ही बयान दिया था कि अगर उन्हें राजपाट नहीं मिला तो वह होली नहीं मनाएंगे। आखिरकार योगी मंत्रिमंडल में ओपी राजभर को शामिल कर लिया गया है।