जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: पहलवान और जुलाना से विधायक विनेश फोगाट तथा Wrestling Federation of India यानि वीएफआई के बीच विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। भारतीय कुश्ती संघ की ओर से जारी कारण बताओ नोटिस के बाद अब विनेश फोगाट ने सार्वजनिक बयान जारी कर अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को खारिज किया है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी बयान में विनेश ने कहा कि उन्हें 1 जनवरी 2026 से आधिकारिक ट्रेनिंग और प्रतियोगिताओं में वापसी की अनुमति मिल चुकी थी। उन्होंने दावा किया कि इंटरनेशनल टेस्टिंग एजेंसी (ITA) ने लिखित रूप से उन्हें पात्र घोषित किया था। इसी आधार पर उन्होंने गोंडा के नंदिनी नगर में आयोजित 2026 सीनियर ओपन रैंकिंग टूर्नामेंट के लिए अपना पंजीकरण कराया था।
“मुझे वेरिफिकेशन तक नहीं करने दिया गया”
विनेश फोगाट ने आरोप लगाया कि प्रतियोगिता स्थल पर पहुंचने के बावजूद उन्हें वेरिफिकेशन प्रक्रिया पूरी नहीं करने दी गई। इतना ही नहीं, उन्हें ट्रेनिंग हॉल इस्तेमाल करने से भी रोका गया।
उन्होंने कहा कि वह किसी विशेष सुविधा की मांग नहीं कर रही हैं, बल्कि सिर्फ योग्यता के आधार पर खेलने का अवसर चाहती हैं।
डोपिंग नियम उल्लंघन के आरोपों को किया खारिज
विनेश ने डब्ल्यूएफआई के नोटिस में लगाए गए एंटी-डोपिंग नियम उल्लंघन के आरोपों को भी गलत बताया। उन्होंने कहा कि सितंबर 2024 के “वेयर अबाउट्स फेलियर” और दिसंबर 2025 के “मिस्ड टेस्ट” को नियम उल्लंघन बताना सही नहीं है। उनके मुताबिक, उन्होंने संबंधित एजेंसियों के साथ पूरा सहयोग किया था और ये मामले WADA कोड 2021 के तहत उल्लंघन की श्रेणी में नहीं आते।
अलग-अलग भार वर्ग में ट्रायल देने पर भी सफाई
2024 चयन ट्रायल के दौरान दो अलग-अलग भार वर्गों में भाग लेने के आरोप पर भी विनेश ने सफाई दी। उनका कहना है कि उस समय एडहॉक कमेटी को इसकी पूरी जानकारी थी और किसी भी स्तर पर कोई आपत्ति दर्ज नहीं की गई थी।
बढ़ सकता है विवाद
विनेश फोगाट और भारतीय कुश्ती संघ के बीच यह टकराव अब खेल जगत में बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है। एक ओर डब्ल्यूएफआई अनुशासन और नियमों का हवाला दे रहा है, वहीं दूसरी ओर विनेश खुद को पूरी तरह नियमों के दायरे में बता रही हैं।

