जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: अदालत ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को कथित शराब नीति घोटाला मामले से संबंधित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में 28 मार्च तक प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की हिरासत में भेज दिया। केजरीवाल की गिरफ्तार के विरोध में आम आदमी पार्टी के बड़े नेता और कार्यकर्ता सड़क पर उतर आए हैं।
आतिशी प्रेस कॉन्फ्रेंस में चुनावी बॉन्ड दिखाते हुए कहा कि शरत चंद्र रेड्डी ने इलेक्टोरल बॉन्ड के जरिए भाजपा को पैसा दिया। गिरफ्तारी के बाद उन्होंने 55 करोड़ के इलेक्टोरल बॉन्ड दिए। इससे मनी ट्रेल साफ होता है।
आम आदमी पार्टी ने भाजपा पर बड़ा हमला बोलते हुए कहा कि दिल्ली शराब नीति में कथित घोटाले के आरोपी शरत चंद्र रेड्डी की कंपनियों ने भाजपा को 55 करोड़ रुपए के इलेक्टोरल बॉन्ड दिए। शरत चंद्र रेड्डी की दिल्ली शराब नीति मामले में गिरफ्तारी के बाद करोड़ों रुपए के इलेक्टोरल बॉन्ड दिए गए। शरत रेड्डी की कंपनी अरबिंदो फार्मा, APL हेल्थ केयर के जरिए भाजपा के बैंक अकाउंट में इलेक्टोरल बॉन्ड के रूप में चुनावी चंदा पहुंचा।
आम आदमी पार्टी ने दावा किया कि यही है वो मनी ट्रेल जो ईडी कथित शराब घोटाले में ढूंढ रही है। आम आदमी पार्टी की नेता आतिशी ने चुनौती दी कि अब ईडी भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा को गिरफ्तार करके दिखाए। शरत रेड्डी दिल्ली शराब नीति मामले में आरोपी थे, सरकारी गवाह बन जाने के बाद फिलहाल जमानत पर बाहर हैं।
दिल्ली की मंत्री आतिशी का कहना है, ‘दिल्ली के तथाकथित एक्साइज पॉलिसी घोटाले में पिछले दो साल से सीबीआई और ईडी की जांच चल रही है। इन दो सालों में एक सवाल बार-बार सामने आया है। ईडी की जांच में मनी ट्रेल की बात कही गई है. ऐसे में पैसा कहां गया? आप के किसी भी नेता, मंत्री या कार्यकर्ता के पास से अपराध की कोई रकम बरामद नहीं हुई। इसी मामले में दो दिन पहले सिर्फ एक शख्स शरत चंद्र रेड्डी के बयान के आधार पर अरविंद केजरीवाल को गिरफ्तार किया गया।
#WATCH | Delhi excise policy matter | Delhi Minister Atishi says, "In the so-called excise policy scam of Delhi, CBI and ED investigations have been going on for the past two years. In these two years, a question has come up again and again – Where is the money trail? Where did… pic.twitter.com/gPkhhfuZEB
— ANI (@ANI) March 23, 2024
वह अरबिंदो फार्मा के मालिक हैं। उन्हें 9 नवंबर 2022 को पूछताछ के लिए बुलाया गया था। उन्होंने साफ कहा कि वह कभी भी अरविंद केजरीवाल से नहीं मिले या बात नहीं की और उनका आप से कोई लेना-देना नहीं है। इतना कहते ही उन्हें अगले ही दिन ईडी ने गिरफ्तार कर लिया।
कई महीनों तक जेल में रहने के बाद उन्होंने अपना बयान बदल दिया। उन्होंने कहा कि उन्होंने अरविंद केजरीवाल से मुलाकात की और उनसे उत्पाद नीति मामले पर बात की। उनके इतना कहते ही उन्हें जमानत दे दी गई। लेकिन पैसा कहां है? पैसे का रास्ता कहां है?’

