- होलिका दहन स्थलों पर चाक-चौबंद के निर्देश
- तेज आवाज में डीजे बजाने और नई जगह होलिका की मनाही
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: होली के मौके पर यदि इस साल किसी ने भी हुड़दंग किया तो फिर होली हवालात में मनानी पड़ेगी। होली पर शांति व कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए एडीजी व आईजी ने सख्त निर्देश दिए हैं। इसके बाद एसएसपी के निर्देश पर जनपद भर में तमाम सर्किल अफसरों को हिदायत दी गयी है कि होली पर शांति व्यवस्था भंग करने वालों तथा हुड़दंग मचाने वालों से सख्ती से निपटा जाए। साथ ही यह भी कि किसी भी नये स्थानों पर होलिका दहन की अनुमति न दी जाये।
होलिका दहन स्थलों पर चाक-चौबंद सफाई व्यवस्था रखकर चूना डलवा दिया जाये। साथ ही इन स्थलों पर अग्नि शमन यंत्रों की व्यवस्था भी की जाये। होली पर्व पर किसी भी प्रकार के जुलूस प्रशासन से अनुमति लेकर ही निकाले जायें। अवैध शराब के नियंत्रण को आबकारी अधिकारी टीम गठित कर कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही कहा गया है कि परम्परागत आयोजन से अलग किसी भी कार्यक्रम की अनुमति न दी जाये।
होली के जुलूस के समय तेज आवाज वाले वाद्य यंत्रों खासतौर से डीजे, आतिशबाजी, उत्तेजित नारे न लगाये जायें। डीजे की ध्वनि सीमा नियमानुसार ही रखी जाये। होली पर्व पर भीड़भाड़ वाली जगहों पर चेकिंग के आदेश भी दिए गए हैं। भीड़भाड़ वाले स्थानों बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन पर चेकिंग की जाये। अफवाहों पर सतर्क दृष्टि रखी जाये। हर्ष फायरिंग न की जाये, जुलूस में शस्त्र लेकर जाने की अनुमति न दी जाये।

छेड़खानी पर रखें नजर
जनपद भर के सीओ व थानेदारों को सख्त हिदायत दी गयी है कि होली के मौके पर छेड़खानी की घटनाओं पर नजर रखी जाए। होली के नाम पर कहीं भी यदि छेड़खानी की घटना होती है तो मौके पर तत्काल पहुंचे। आवश्यक कार्रवाई की जाए। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि किसी पर जबरन कोई रंग न डाले। शांति व सांप्रदायिक सौहार्द ना खराब हो। गांव देहात के इलाकों में होली के दौरान छोटी से छोटी घटना पर थानेदार को पहुंचने के निर्देश एसएसपी ने दिए हैं।
होली पर पानी की किल्लत दूर करने को निगम ने की तैयारी
रंगों के पर्व होली पर नागरिकों को अधिक सुविधाएं देने के लिए नगर निगम ने प्रयास किये हैं। नगर निगम के तीनों जोन पर पानी के टैंकर लगवाये गये हैं। ताकि कहीं आकस्मिक स्थिति में जरूरत पड़ने पर पानी की सप्लाई की जा सके। इसके अलावा पानी की निर्बाध आपूर्ति के लिए ट्यूबवेलों पर जनरेटरों की भी व्यवस्था की गई है। होली में अब अधिक समय बाकी नहीं रह गया है। रंगों के इस त्योहार के दिन लोग रंग, गुलाल और पानी से खेलते हुए खूब धूमधाम से जश्न मनाते हैं, लेकिन यह कहना गलत नहीं होगा कि अन्य दिनों की तुलना में होली के दिन पानी की किल्लत भी सबसे अधिक होती है।
एक समय बाद कई इलाकों में पानी की सलाई बंद हो जाती है। ऐसे में नगर निगम ने पानी की सप्लाई के लिए नये इंतजाम किये हैं। होली के त्योहार पर चारों तरफ उल्लास का माहौल है। इस त्योहार में लोग रंग व पानी के साथ होली खेलते हैं। होली खेलने के बाद रंग छुड़ाने में भी कई लीटर पानी बर्बाद कर दिया जाता है। होली खेलने के नाम पर पानी की जमकर बर्बादी की जा जाती है। अब विभिन्न समाज सेवी संगठन यह संदेश देते हैं कि रंग व गुलाल के बजाय फूलों की होली खेलें। इसके अलावा प्रशासनिक स्तर से भी जल बचाने के लिए अपील की जाती है।
जिले में अनुमानित आबादी 26 लाख से अधिक है। एक अनुमान के मुताबिक प्रतिदिन 15 गैलन पानी की जरूरत है। होली पर यह खपत चार गुना बढ़ जाती है। जल स्तर गिरने की वजह से शहर में गर्मी पड़ते ही पानी कि किल्लत शुरू हो जाती है। उधर, नगर निगम के अपर नगर आयुक्त ममता मालवीय का कहना है कि होली पर पानी की जमकर बबार्दी की जाती है। पानी की बर्बादी न हो लोगों को जागरूक करने की जरूरत है। लोग सबकुछ भूलकर पानी की बर्बादी करते हैं। इस दिशा में लोगों को जागरूक भी किया जा रहा है। होली पर पानी का कम से कम प्रयोग करें। ताकि किसी को दिक्कत न हो।

