- गांवड़ी में कूड़ा डालने पर ग्रामीणों को आपत्ति याचिका में सुनवाई
- कूड़े के गलत प्रबंधन से जा चुकी है 22 लोगों की जान, 200 से ज्यादा ग्रामीण है बीमार
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: एनजीटी ने निगम आयुक्त को तीन माह में कचरा हटाने का निर्देश दिया है। राष्ट्रीय हरित अधिकरण ने नगरायुक्त मनीष बंसल को काली नदी के किनारे गांवडी गांव में अवैधानिक तरीके से जमा कचरे को तीन माह के अंदर हटाने का निर्देश दिया है।
बता दें, लंबे समय से गांवडी के ग्रामीण कचरा हटाने की मांग कर रहे थे। इसको लेकर ग्रामीणों ने निगम की गाड़ियों को रोककर विरोध प्रदर्शन किया था। कई बार बवाल भी हो चुका है। एनजीटी के अध्यक्ष न्यायमूर्ति आदर्श कुमार गोयल की अध्यक्षता वाली पीठ ने लखनऊ में इलाहाबाद उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति एसवीएस राठौर की अध्यक्षता वाली निगरानी समिति द्वारा इस मुद्दे पर दाखिल रिपोर्ट को स्वीकार कर लिया।
अधिकरण मेरठ निवासी नवीन कुमार और अन्य लोगों की याचिका पर सुनवाई कर रहा था। याचिका में आरोप लगाया गया कि कचरे के गलत तरह से प्रबंधन की वजह से 22 लोगों की मौत हो चुकी है और 200 लोग बीमार हो गये। पीठ ने कहा कि निगरानी समिति की रिपोर्ट पर कोई आपत्ति नहीं है।
तदनुसार हम निगम आयुक्त, मेरठ को कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश देते हैं। राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड पर्यावरण मुआवजा हासिल कर सकता है। इसके अलावा मेवला ओवरब्रिज के पास भी एक कॉलोनी में कूड़े के अंबार लगे हुए हैं। इनको हटाने की मांग भी लोग कर चुके हैं। इनको भी अभी तक नहीं हटाया गया है। हाईकोर्ट भी कूड़े को लेकर नगर निगम अफसरों को फटकार लगा चुका है।

