Thursday, March 19, 2026
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ट्रैफिक स्टाफ और जाम साथ-साथ

  • सिपाही ड्यूटी नहीं करें आराम तो क्यों ना लगे जाम?
  • भारी भरकम ट्रैफिक स्टाफ के होते हुए चौराहे होमगार्ड के हवाले

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: ड्यूटी पर जब काम के बजाए छांव में बैठकर आराम किया जाएगा तो जाम भी लगेगा और लोग परेशान भी होंगे। महानगर के चौराहों पर बजाए ड्यूटी का मुस्तैदी से अंजाम देने के ट्रैफिक का स्टाफ आमतौर पर रिलेक्स मूड में ही नजर आता है। रही बात चौराहों और उन पर लगने वाले जाम की वजह से लोगों की परेशानी की तो उससे निपटने की जिम्मेदारी होमगार्ड की रह गयी भर लगती है। यह हाल तो तब है जब महानगर में जाम की समस्या को लेकर सिस्टम चलाने वाले सबसे ज्यादा अलर्ट मोड पर नजर आते हैं।

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ऐसा नहीं कि शहर में यातायात जाम के बडेÞ अफसर बेखबर हैं। इसको लेकर पिछले दिनों एसपी ट्रैफिक के साथ लगातार शहर के व्यापारियों, ट्रांसपोर्टरों व सामाजिक संगठनों से जुडेÞ लोगों ने बैठकें की थीं। माना जा रहा था कि इन मैराथन बैठकों के बाद जो दावे किए गए उसके बाद माना जा रहा था कि अब शहर को जाम से निजात मिल जाएगी, लेकिन ऐसा हो ना पाया।  ऐसा नहीं कि बडेÞ अफसर केवल बैठक तक सिमट कर रहे गए। आगे कुछ हुआ ही नहीं। बैठकों के बाद आगे काफी काम भी हुआ।

शहर के छोटे-छोटे चौराहों पर नजर आने वाला ट्रैफिक का स्टाफ इस बात की तसदीक कर रहा है कि शहर की जाम की समस्या के लेकर बडेÞ अफसर गंभीर हैं तभी तमाम चौराहों पर ट्रैफिक स्टाफ लगाया गया है। शहर के चौराहों पर खासतौर से प्रमुख वो चौराहों पर जहां सुबह करीब पौने दस बजे से एक घंटे के लिए और शाम को भी कुछ इसी तर्ज पर जबरदस्त जाम देखा जा सकता है। ऐसे तमाम चौराहों पर ट्रैफिक का स्टाफ तो होता है,

लेकिन साइड में। या तो छांव में उनके लिए आसपास के दुकानदार चेयर डाल देते हैं या फिर यदि चेयर नहीं मिलती तो बाइक को स्टैंड पर लगाया और उस पर सुस्ता लिए। ऐसा नहीं कि जाम नजर नहीं आता। उन्हें जाम भी नजर आता है और जाम में फंसे परेशान हाल लोग भी नजर आत हैं। लेकिन वो तब तक अपनी जगह से नहीं हिलते जब तक किसी अफसर या फिर वीवीआईपी की गाड़ी का सायरन ना उन्हें सुनाई दे।

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कॉआपरेटिब बैंक चौराहा

सिविल लाइन इलाके के कचहरी कोआॅपरेटिव बैंक वाले चौराहे की यदि बात की जाए तो यह चौराहा पूरे दिन जाम के लिए बदनाम है। कमोवेश इसी तर्ज पर मेघदूत वाला चौराहा भी जाम के लिए खास बदनाम है। सामान्य दिनों के इतर यदि किसी खास आयोजन की बात की जाए तो इन दोनों चौराहों से होकर गुजरने वाले कई बार आने से वहां आसपास रहने वाले परिचितों को काल कर पहले पूछते हैं कि जाम तो नहीं लगा। इस चौराहे पर जाम भी लगता है और टैÑफिक पुलिस वाले भी मौजूद रहते हैं। यह बात अलग है कि जाम लगे पब्लिक परेशान हो, इससे उनका कोई सरोकार नहीं होता।

चिराग चौराहा

महानगर का माल रोड से सटा चिराग चौराहे की यदि बात करें तो ऐसा नहीं कि यहां टैÑफिक का स्टाफ नहीं लगाया गया है। स्टाफ तो लगा है, लेकिन बजाए यातायात को सुगम बनाने के चिराग चौराहे पर भी स्टाफ साइड में ही नजर आएगा। जहां तक चौराहे की जिम्मेदारी उठाने की बात है तो यह काम होमगार्ड के कंधों पर छोड़ दिया गया है और जिनकी ड्यूटी है वो मोबाइल में गेम खेलते नजर आते हैं।

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ईव्ज चौराहा

सिविल लाइन व थाना कोतवाली की बाउंड्रÑी या कहें सीमावर्ती माना जाने वाला ईव्ज चौराहा भी हैवी टैÑफिक के लिए जाना जाता है। गढ रोड और हापुड रोड से बेगमपुल, और शहर घंटाघर होते हुए दिल्ली रोड जितनी भी गाड़ियां जाती हैं वो सब ईव्ज चौराहे से होकर आगे जाती हैं। ऐसा नहीं कि हैवी टैÑफिक के चलते यहां स्टॉफ नहीं लगाया गया है, यहां स्टाफ भी लगा है और होमगार्ड के जवाब भी मुस्तैद रहते हैं, लेकिन चौराहे पर जुझने की बारी आती है तो खुद मोबाइल में उलझ कर होमगार्ड को आगे कर दिया जाता है।

खैरनगर चौराहा

शहर की घनी व पुरानी आबादी वाले खैरनगर और इससे चंद कदम की दूरी पर बुढानागेट और छतरी वाला पीर जली कोठी वाला चौराहा। ये तमाम ऐसे चौराहे हैं शहर में किसी भी जगह जाने के लिए पहले इन चौराहों को आमतौर पर पार करना होता है। इन तमाम चौराहों पर ट्रैफिक का स्टाफ होते हुए भी जाम सरीखे हालात रहते हैं। लेकिन जाम से जुझने की जिम्मेदारी होमगार्ड के कंधों पर होती है। इन तमाम चौराहों पर टैÑफिक का स्टाफ यहां साइड में मोबाइल पर उलझा हुआ देखा जाता है।

जीरो माइल चौराहा

हैवी ट्रैफिक की जब बात आती है तो इस मामले में सबसे अव्वल लालकुर्ती क्षेत्र में पड़ने वाला जीरो माइल चौराहा आता है। इस चौराहे पर कहने को कई-कई स्टाफ की डयूटी होती है, लेकिन जहां से यातायात पास करने का काम होमगार्ड के जवानों या फिर रैपिड प्रोजेक्ट में काम कर रहे मार्शल करते देखे जाते हैं। टैÑफिक का स्टाफ यहां भी होता है, लेकिन उन्हें बजाए जाम से जुझने के अक्सरा मोबाइल पर व्यस्त देखा जा सकता है।

  • हुआ है काफी काम

शहर के यातायात से निपटने को काफी काम किया जा रहा है। हापुड स्टैंड़ व बेगमपुल चौराहे जाम मुक्त करा दिए गए हैं। स्टाफ मेहनत से काम कर रहा है। -राघवेन्द्र मिश्रा एसपी ट्रैफिक

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