- सावधानी की आवश्यकता है, क्योंकि यह न सिर्फ आंतरिक स्वास्थ्य बल्कि हमारी त्वचा पर भी सीधा असर डालती है
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: गर्मी कहर बरपा रही है। अभी मई की शुरुआत है और पारा 39 डिग्री पर पहुंच चुका है। तेज धूप के कारण लोगों का घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। इन दिनों लू का खतरा सता रहा है। इससे सावधानी की आवश्यकता है, क्योंकि यह न सिर्फ आंतरिक स्वास्थ्य बल्कि हमारी त्वचा पर भी सीधा असर डालती है। पिछले कुछ सालों में हीट वेव का सबसे अधिक असर त्वचा पर दिखाई देने लगा है।

दरअसल, सूरज से निकलने वाली यूवी किरणे त्वचा को नुकसान पहुंचाती है। जिसका सीधा प्रभाव त्वचा पर पड़ता है। जिससे त्वचा संबंधी रोग उत्पन्न होते हैं। जिनमें हीट क्रैम्प, हीट स्ट्रेस, हीट सट्रोक, ड्राइनेस, सन बर्न, एकने आदि शामिल हैं। सुकून ब्यूटी पार्लर की ओनर ब्यूटीशियन तनु सिंह बताती है कि मई, जून के महीने में गर्मी एकाएक बढ़ती है। जिसके कारण त्वचा के सूर्य की दीप्ति व धूल के सम्पर्क में आने से त्वचा पर संक्रमण होने शुरू हो जाते हैं। साथ ही धूप से त्वचा की सारी नमी अवशोषित हो जाने के कारण से त्वचा में रुखापन आ जाता है तथा त्वचा का आॅक्सीकरण हो जाता है या त्वचा काली पड़ने लग जाती है।
दोपहर में घर या आॅफिस से बाहर निकलने से बचें। दरअसल इस समय सूरज की किरणों का प्रभाव सबसे तेज होता है। इस दौरान सूर्य की किरणे शरीर को सबसे अधिक प्रभावित करते हुए नुकसान पहुंचाती है। जितना अधिक हो सके सुबह और शाम को ही बाहर निकलें। साथ ही बहार से वापस आने पर अच्छे फैसवाश से समय-समय पर चेहरा धोएं। इससे त्वचा संबंधित संक्रमण होने का खतरा कम हो जाएगा। मेडिकल कॉलेज के डा. आरपी शर्मा बताते हैं कि पिछले कुछ सालों में 50% त्वचा रोगियों का इजाफा हुआ है। इस बार होली के बाद से घमौरी, स्किन का बदलता हुआ कलर, रेडनेस आदि शामिल है। उसके लिए सभी को एहतियात बरतना बहुत जरूरी है।
त्वचा के बचाव, रखरखाव के लिए क्या करें?
- डॉक्टर की सलाह पर सनस्क्रीन का प्रयोग करें।
- अधिक से अधिक मात्रा में पानी पियें।
- पूरी आस्तीन के सूती कपड़े पहनें।
- धूप के सीधे संपर्क में आने से बचें।
- आंखों पर काला चश्मा लगाकर और हाथों में दस्ताने पहनकर बाहर निकलें।
- खाने में रसीले फल और पेय पदार्थों का निरंतर सेवन करते रहें।
गर्मी से नहीं मिल रही राहत
मोदीपुरम: गर्मी से राहत मिलती नहीं दिखाई दे रही है। लगातार गर्मी का प्रकोप मौसम में बढ़ता हुआ दिखाई दे रहा है। दिन का पारा 36 डिग्री के पार पहुंच गया है। गर्मी का बढ़ता प्रकोप धीरे-धीरे बच्चों और बुजुर्गों के साथ-साथ महिलाओं पर अच्छा खासा असर डाल रहा है। अप्रैल के महीने में इस बार गर्मी का प्रकोप अधिक देखने को मिला है।

पारा 42 डिग्री के पास इस महीने पहुंच गया था। राजकीय मौसम वैधशाला पर मंगलवार को दिन का अधिकतम तापमान 36.2 डिग्री एवं न्यूनतम तापमान 21.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। अधिकतम आर्द्रता 52 एवं न्यूनतम आर्द्रता 19 प्रतिशत दर्ज की गई। कृषि विवि के मौसम वैज्ञानिक डा. यूपी शाही के अनुसार मौसम में अभी गर्मी का रुख बढ़ेगा।

