- शहर के सभी थानों में महिला हेल्प डेस्क कर रही कार्य
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: महिलाओं के प्रति बढ़ते अपराधों को देखते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मिशन शक्ति के अंतर्गत जिले भर के थानों में महिला हेल्प डेस्क का गठन किया था। इस हेल्प डेस्क पर विशेष तौर पर महिलाओं और बच्चियों से जुड़ी समस्याओं का निस्तारण किया जाता है। यहां प्रमुखता से महिलाओं की समस्याओं को सुना जाता है। शहर के सभी थानों में महिला हेल्प डेस्क कार्य कर रही है। इसमें लालकुर्ती, सदर, ब्रह्मपुरी, महिला थाना, मेडिकल आदि प्रमुख रूप से शामिल हैं।
महिला हेल्प डेस्क 24 घंटे काम करती है। यहां पर दिन और रात में निरंतर दो महिला पुलिस कांस्टेबल तैनात रहती हैं। कोई भी उत्पीड़ित महिला थाने पर प्रार्थना पत्र देकर अपनी शिकायत दर्ज करा सकती है, जिसके तुरंत बाद घटना का संज्ञान लेते हुए प्रार्थना पत्र पर कार्रवाई की जाती है। मामले का निस्तारण तुरंत या केस की गंभीरता को देखते हुए दो से चार दिन के भीतर करा दिया जाता है। कई मामलों में मध्यस्थता के माध्यम से समझौता करा कर मामले को सुलझाने का प्रयास रहता है तथा गंभीर मामलों में अतिशीघ्र उचित कार्रवाई की जाती है।
दिल्ली निवासी हेमलता की शादी मेरठ के पंकज से हुई थी। पीड़िता की शिकायत थी कि उसके पति का किसी अन्य महिला के साथ प्रेम प्रसंग चल रहा है और उसका पति दूसरी शादी की धमकी दे रहा है। महिला हेल्प डेस्क द्वारा इस मामले में सुलह समझौता कराकर निपटारा कराया गया।

पीड़िता के पति अभिषेक ने बेटी होने के बाद से उसके साथ मारपीट और परेशान करना शुरू कर दिया। साथ ही चचिया ससुर ने उसके साथ छेड़छाड़ करने का प्रयास भी किया। महिला हेल्प डेस्क ने इस मामले में चचिया ससुर को हड़काते हुए मुकदमा दर्ज करने की चेतावनी देकर छोड़ा और दंपति में समझौता कराकर मामले का निस्तारण किया। पीड़िता को कुछ युवक रास्ते में रोककर छेड़छाड़ करते थे। शिकायतकर्ता के प्रार्थना पत्र पर युवकों को हिरासत में लेकर 7 /16 की कार्रवाई की गयी है।
महिला हेल्प डेस्क को लेकर लालकुर्ती एसओ इंदू वर्मा का कहना है की हर रोज महिला हेल्प डेस्क पर दो से चार केस आते हैं। महिला हेल्प डेस्क महिलाओं को सुनने के लिए बनाया गया है। पहले जो महिलाओं के केस आते थे वह महिला थाने में चले जाते थे, लेकिन अब हर थाने में महिलाओं की शिकायत सुनने के लिए व उनकी सहायता के लिए एक निर्धारित डेस्क बनाई गयी है। महिला हेल्प डेस्क पर दो महिला कांस्टेबल हमेशा तैनात रहती हैँ। किसी भी महिला को किसी भी समय कोई भी दिक्कत हो तो वह थाने आ सकती है।
घरेलू हिंसा के मामलों में बढ़ोतरी
जनवाणी टीम लालकुर्ती थाने पहुंची तो वहां महिला हेल्प डेस्क पर खासा भीड़ मिली। इसमें अधिक मामले घरेलू हिंसा, उत्पीड़न, मारपीट, दंपति के बीच विवाद, छेड़छाड़, गुमशुदगी के मिले।

