- सस्ती दरों पर अपने प्लाट पर घर बनाने का सपना होने वाला है साकार
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: कम आय वालों के लिए मेरठ विकास प्राधिकरण तोहफा लेकर आया हैं। ऐसे लोगों को मेरठ विकास प्राधिकरण की कालोनी में सस्ती दरों पर अपने प्लाट पर घर बनाने का सपना साकार होने वाला है। इसके लिए यदि आपको प्लाट खरीदना है तो आय प्रमाण पत्र आदि की अभी से तैयारी करनी होगी, तभी इसका लाभ कम आय वर्ग के लोगों को मिल सकेगा। जल्द ही मेरठ विकास प्राधिकरण (मेडा) एलआइजी और ईडब्ल्यूएस श्रेणी के लिए अवसर देने जा रहा है। प्लाटों का आवंटन लकी ड्रा के माध्यम से होगा।
लकी ड्रा में जिसका नाम आ जाएगा, उसके नाम प्लाट का आवंटन होगा। यदि आप किश्त चुकाने के लिए ऋण लेना चाहेंगे तो ऋण भी मेरठ विकास प्राधिकरण आपको दिलायेगा। इसके लिए भी बैंक से सीधे ऋण कराया जाएगा। हालांकि मेरठ विकास प्राधिकरण भी ऋण देता हैं, लेकिन उसका ऋण काफी महंगा होता हैं, जो कम आय वर्ग के लोगों के लिए भारी पड़ जाएगा। प्राधिकरण के अधिकारियों के अनुसार लगभग 1300 प्लाट मेरठ विकास प्राधिकरण की विभिन्न योजनाओं में शामिल किए गए हैं। आचार संहिता समाप्त होते ही इसकी प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
मेडा की विभिन्न कालोनियों में लैंड मोनेटाइजेशन के तहत 80 हेक्टेयर जमीन तलाशी गई है। प्राधिकरण की योजनाओं में जमीन खाली पड़ी हैं, उस पर ये प्लाट नीलाम किये जाएंगे। इन प्लाटों का नियोजन करके 50 मीटर से लेकर 200 मीटर क्षेत्रफल तक के प्लाट काटे गए हैं। इसमें 1200 प्लाट आवासीय होंगे, जबकि 100 प्लाट व्यावसायिक होंगे। विकास प्राधिकरण ने इसकी पूरी तैयारी कर ली हैं। सिर्फ आचार संहिता हटने का इंतजार किया जा रहा हैं। इसके बाद ही आॅन रिकॉर्ड इसकी प्रक्रिया लाई जाएगी।
पांच प्रतिशत यात्री भी नहीं कर पा रहे वन यूपी वन कार्ड का प्रयोग
मेट्रो की तर्ज पर नगरीय परिवहन बस सेवा के अंतर्गत लॉन्च किए गए वन यूपी वन कार्ड को अभी तक करीब पांच फीसदी यात्री ही प्रयोग कर पा रहे हैं। इसका मुख्य कारण यात्रियों के बीच विभाग की ओर से प्रचार प्रसार का अभाव माना जा रहा है। बीती नौ नवंबर 2023 को आयुक्त सेल्वा कुमारी जे. ने वन यूपी वन कार्ड की लॉन्चिंग भव्य स्तर पर की थी। उस समय यह बताया गया था कि उत्तर प्रदेश के 15 महानगर के अंतर्गत संचालित होने वाली इलेक्ट्रिक बसों में यह एक कार्ड ही काम करेगा। इस कार्ड के लिए यात्रियों को कोई अतिरिक्त मूल्य नहीं देना होगा।
बल्कि कार्ड को रिचार्ज करने की राशि ही देय होगी। इस कार्ड का यात्रियों को यह फायदा होगा कि उन्हें मेट्रो की तर्ज पर हर टिकट की खरीद पर किराये में 10 प्रतिशत की छूट मिल सकेगी। इसके अलावा एक कार्ड से एक समय से जितने चाहे टिकट खरीदे जा सकते हैं। योजना को लागू हुए करीब छह माह की अवधि बीत चुकी है। लेकिन इस दौरान अभी तक केवल 1700 यात्रियों ने ही कार्ड खरीदने में रुचि दिखाई है। इसका प्रमुख कारण यह माना जा रहा है कि कार्ड को लेकर विभाग की ओर से जितना प्रचार-प्रसार किया जाना चाहिए था,
वह नहीं हो सका है। गौरतलब है कि मेरठ महानगर सेवा के अंतर्गत संचालित होने वाली 50 इलेक्ट्रिक बसों में प्रतिदिन 7-8 हजार यात्री सफर करते हैं। जिनसे विभाग को प्रतिमाह 75 से 80 लाख रुपये की आय प्राप्त होती है। इस आय में कार्ड से होने वाली इनकम का शेयर करीब 3.75 लाख रुपये तक हो पाता है। यानी मेरठ महानगर सेवा के अंतर्गत इलेक्ट्रिक बसों में सफर करने वाले पांच प्रतिशत यात्री ही वन यूपी वन कार्ड योजना का लाभ उठा पा रहे हैं।

