- निगम के निर्माण विभाग में मची लूट, नया काम दिखाकर प्रयोग की जा रही पुरानी सामग्री
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: यह तो लापरवाही की हद है कि नये काम का ठेका लिया जाता है और उसमें इस्तेमाल की जा रही सामग्री पुरानी है। पुराने के स्थान पर बन रहे नये नाले में पुरानी मलबे में पड़ी हुई पीली ईंटें धड़ल्ले से इस्तेमाल की जा रही हैं। नगर निगम के निर्माण विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत से दिये जा रहे इस घोटाले को अंजाम देने में ठेकेदारों के साथ-साथ कई बाबू भी शामिल हैं। पार्षद इस घोटाले पर हो हल्ला मचाते हैं तो अधिकारी सब कुछ सुनकर भी अंजान बन जाते हैं।
शहर में इन दिनों अलग-अलग स्थानों पर निर्माण कार्य चल रहे हैं। कहीं नाले और नालियों का निर्माण हो रहा है तो कहीं पर खडंजा बिछाया जा रहा है। कहीं सड़क बनाई जा रही है तो कहीं पर पुलिया का निर्माण हो रहा है। नगर निगम ने हर क्षेत्र के लिए अलग-अलग ठेकेदारों को ठेके छोड़ रखे हैं, ताकि निर्माण गुणवत्ता से हो तथा निर्धारित समय सीमा पर काम पूर्ण भी हो सके। नगर निगम द्वारा इन दिनों वार्ड नंबर 84 की गली नंबर 16 अहमदनगर फतेह उल्लापुर रोड पर नाली एवं गली का निर्माण कराया जा रहा है। निर्माण कार्यों का ठेका मलिक कंस्ट्रक्शन कंपनी के पास है।
इसमें ठेकेदार द्वारा नया नाला तो बनाया जा रहा है। लेकिन नाले की बेस में पुरानी पीली र्इंटें बिछाई जा रही हैं। जबकि यदि नया नाला या खडंजा बिछाया जा रहा है तो उसमें नई निर्माण सामग्री उपयोग की जानी चाहिए। इसके साथ ही ठेकेदार द्वारा 1-8 के अनुपात में सीमेंट व रेत के मसाले का मिश्रण किया जा रहा है। चिनाई करने से पूर्व इस बात का ध्यान दिया जाता है कि यदि ऐसी जगह प्लास्तर किया जा रहा है, जहां पानी का अधिक उपयोग होना है तो उस स्थान पर डस्ट और सीमेंट के मसाले से चिनाई होती है तथा इसमें 3-1 के मिश्रण से प्लास्तर किया जाता है।

ताकि सील न चढ़े। लेकिन कार्यदायी संस्था के ठेकेदार ने सब कुछ उल्टा-सीधा कर रखा है। यहां नाली के पानी का लेवल भी मानक के विपरीत है। जिससे क्षेत्र में जल भराव बरकरार रहेगा। क्षेत्रीय पार्षद शब्बीर कस्सार ने जब ठेकेदार से मानक के अनुसार निर्माण सामग्री न प्रयोग करने की शिकायत की तथा पुरानी पीली र्इंटें लगाने की शिकायत की तो उसने पार्षद की बात को अनसुना कर दिया। पार्षद ने क्षेत्र के मेट तथा जेई से भी इसकी लिखित में शिकायत की,
लेकिन जेई व मेट ने भी न तो मौके पर आना गंवारा किया और न ही निर्माण कार्य में इस्तेमाल हो रही घटिया सामग्री को रोकने की कोशिश ही की है। पार्षद शब्बीर कस्सार ने इस मामले में मंडलायुक्त से शिकायत की है। इसमें जांच नगर निगम के अतिरिक्त किसी अन्य विभाग के निर्माण विभाग से कराये जाने की गुहार की गई है। शिकायत करने वालों में पूर्व पार्षद अफजाल सैफी, राशिद कस्सार, हसमुद्दीन अंसारी, काशिफ अंसारी आदि रहे।
पहले ही गिर चुकी है घोटाले के नाले की दीवार
यहां यह भी उल्लेखनीय है कि नगर निगम से ठेका लेकर एल. ब्लॉक तिराहे के पास आरसीसी नाले का निर्माण किया जा रहा है। इस नाले में भी बड़े पैमाने पर घोटाला किया जा रहा है। मानक के अनुसार निर्माण सामग्री प्रयोग न करने का यह नतीजा निकला कि बनने के कुछ ही घंटे में यह आरसीसी की नाले की दीवार गिर गयी। इस मामले में कांग्रेस ने मोर्चा खोल रखा है। लेकिन इसमें भी निर्माण विभाग के अधिकारी ठेकेदार का खुलकर बचाव कर रहे हैं।

