Wednesday, March 18, 2026
- Advertisement -

मोदी बनाम मुद्दा बना चुनावी विमर्श

Nazariya 22


TANVIR ZAFARIदेश में 18 वीं लोकसभा निर्वाचित करने का चुनावी दौर जैसे-जैसे आगे बढ़ता जा रहा है वैसे वैसे चुनावी माहौल में भी तल्खी बढ़ती जा रही है। स्वयं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मुंह से ऐसी तमाम बातें सुनी जा रही हैं जिसकी देश के प्रधानमंत्री जैसे सर्वोच्च पद पर बैठे व्यक्ति से उम्मीद भी नहीं की जा सकती। वैसे तो प्रधानमंत्री पद पर बैठते ही मोदी ने अपने बड़पोलेपन और झूठ से देश और दुनिया को आश्चर्य चकित करना शुरू कर दिया था। परंतु उससे भी बड़े आश्चर्य की बात तो यह कि उन्होंने अपने इस बड़पोलेपन, झूठ और अवैज्ञानिक बातों पर विराम लगाने के बजाये इसे और भी बढ़ाना शुरू कर दिया। शायद उन्होंने देश की जनता को मूर्ख और अनपढ़ समझ रखा था। नाली से गैस निकालकर चाय बनाना, ट्रैक्टर के ट्यूब में गोबर गैस भरकर उससे इंजन चलाकर खेतों की सिंचाई करना, बादल में रडार का काम न करना जैसी अनेक बेतुकी व तथ्यविहीन बातें बोलकर प्रधानमंत्री ने अपने पद की गरिमा को दागदार किया। इसके अतिरिक्त उनका दूसरा प्रिय मिशन रहा गांधी नेहरू परिवार का निम्न स्तर तक विरोध, कांग्रेस मुक्त भारत की उनकी दिली मनोकामना, मुसलमानों का हद दर्जे तक विरोध और विपक्षी नेताओं विशेषकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा बोली गई बातों को अपनी सुविधा के हिसाब से ट्विस्ट देना और बात का बतंगड़ बना देना। मिसाल के तौर पर राहुल गांधी ने 21 मार्च को ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ के समापन के अवसर पर मुंबई के शिवाजी पार्क में एक रैली को संबोधित करते हुये कहा था, ‘हिन्दू धर्म में शक्ति शब्द होता है। हम शक्ति से लड़ रहे हैं…एक शक्ति से लड़ रहे हैं। बाद में उन्होंने ‘शक्ति’ शब्द की और व्याख्या करते हुए कहा कि वह शक्ति क्या है? हमारी लड़ाई नफरत भरी आसुरी शक्ति के खिलाफ है। हमारी आसुरी शक्ति से लड़ाई हो रही है, नफरत भरी आसुरी शक्ति से। परन्तु प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शक्ति शब्द का प्रयोग अपनी सुविधानुसार करते हुए कहा कि उनके लिए हर मां-बेटी शक्ति का स्वरूप है और वह उनके लिए अपनी जान की बाजी लगा देंगे। इस तरह के अनेक उदाहरण हैं, जिससे साबित होता है कि मोदी फुजूल की बातों में लोगों को उलझाकर जनता से जुड़े वास्तविक मुद्दों से लोगों का ध्यान भटकाना चाहते हैं।

परंतु 2024 के इस ऐतिहासिक चुनाव में इंडिया गठबंधन के नेता विशेषकर राहुल व प्रियंका गांधी अपने चुनाव प्रचार अभियान को जनता से जुड़े वास्तविक मुद्दों पर केंद्रित करने में पूरी तरह सफल रहे हैं। इतना ही नहीं बल्कि कांग्रेस नेता, मोदी की घटिया व निम्नस्तरीय बातों से भी लोगों को अवगत कराकर यह बताने में भी सफल रहे हैं कि जनता से मोदी का निरर्थक इकतरफा संवाद दरअसल जनता का ध्यान भटकाने के लिण् है और यह भी कि प्रधानमंत्री कि इस तरह की संवाद शैली देश के प्रधानमंत्री जैसे पद पर बैठे व्यक्ति के लिए अशोभनीय है तथा देश की बदनामी का सबब भी है।
जब मोदी कहते हैं कि कांग्रेस ने 70 वर्षों में देश के लिए कुछ बनाया ही नहीं तो प्रियंका गांधी उसके जवाब में मोदी से ही पूछ रही हैं कि जिन दर्जनों सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (पीएसयू) को आप अपने चंद मित्रों के हवाले कर रहे हैं वह कांग्रेस के नहीं तो किसके बनवाए हुए हैं? विपक्ष मोदी से उन्हीं के वादों को याद दिलाते हुए यह भी पूछ रहा है कि 10 साल पहले आपने लोगों के खाते में 15 लाख रुपये डालने को कहा था, वह क्यों नहीं आए? जबकि चंद पूंजीपतियों के 16 लाख करोड़ रुपये कर्ज मुआफ कर दिए गए? कहां हैं आपके वादे के 10 वर्ष पूर्व घोषित किए गए 100 स्मार्ट सिटी? कहां हैं आपके वादों के 2 करोड़ रोजगार? 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने का वचन कहां गया? आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने तो अपने चुनाव प्रचार के दौरान एक नए तरीके का प्रयोग किया।

उन्होंने पूर्व में नरेंद्र मोदी द्वारा जनता से किए गए वादों का एक आॅडियो उन्हीं की आवाज में अपनी जनसभा में सुना डाला। मोदी को उन्हीं के वादों की याद दिलाकर उन्हें कटघरे में खड़ा करना कितना विपक्ष के लिए कितना कारगर साबित हो रहा है इसका अंदाजा चुनाव प्रचार अभियान के दौरान प्रधानमंत्री मोदी के दिनोंदिन बिगड़ते जा रहे लहजों व उनके द्वारा उठाए जा रहे निरर्थक व बचकाना किस्म के मुद्दों से लगाया जा सकता है। कभी कहते हैं कि कांग्रेस के लोग मटन बनाने का मौज ले रहे हैं। कभी बोलते हैं कि अगर आपके पास दो भैंस है तो कांग्रेस उसमें से एक भैंस छीन कर ले जाएगी। कभी कांग्रेस व विपक्षी गठबंधन को हिंदू विरोधी बताते हुए कहते हैं कि यह हिंदू धर्म को खत्म करना चाहते हैं। तो कभी यह कि कांग्रेस सत्ता में आयी तो क्रिकेट टीम में मुसलमानों को भर देगी। यहां तक कि कांग्रेस सत्ता में आई तो बहनों का मंगल सूत्र छीन लेगी और आपका सोना ले लेगी। यानी अजीब अजीब सी बदहवासी भरी बातें जिसका राजनीति से कोई वास्ता ही नहीं, इस तरह की बातें कर वह उन सवालों से बचना चाहते हैं जो जनता के वास्तविक सवाल हैं।

मोदी विपक्ष द्वारा उठाये जा रहे जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों के सामने बौखला से गए हैं। जब कांग्रेस व इंडिया गठबंधन सत्ता में आने पर अग्निवीर योजना खत्म कर सैनिकों की पूर्ववत भर्ती करने की बात करती है तो देश के युवाओं में उम्मीद जगती है। किसानों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य का कानून बनाने की बात कर विपक्ष किसानों में आस जगाता नजर आता है। कांग्रेस की 5 गारंटी ने तो नरेंद्र मोदी को इतना असहज कर दिया है कि वह बौखला कर कांग्रेस के घोषणा पत्र को मुस्लिम लीग का घोषणा पत्र बताने लगे हैं। विपक्षी इंडिया गठबंधन चुनावी विमर्श को मोदी बनाम मुद्दा बनाने में पूरी तरह कामयाब रहा है।


janwani address 1

spot_imgspot_img

Subscribe

Related articles

Saharanpur News: पुलिस मुठभेड़ में लूट के आरोपी दो बदमाश घायल अवस्था में गिरफ्तार

जनवाणी संवाददाता । सहारनपुर: जनपद में अपराधियों के खिलाफ चलाए...

Saharanpur News: सहारनपुर में बदलेगा मौसम, आंधी-बारिश और ओलावृष्टि की चेतावनी

जनवाणी संवाददाता । सहारनपुर: जनपद में मौसम का मिजाज बदलने...

Iran- Israel: इस्राइली हमले में ईरान को बड़ा झटका, लारीजानी और सुलेमानी की मौत

जनवाणी ब्यूरो । नई दिल्ली: ईरान ने मंगलवार देर रात...

Fire In Indore: इंदौर में दर्दनाक हादसा, घर में लगी भीषण आग, सात लोगों की जलकर मौत

जनवाणी ब्यूरो। नई दिल्ली: इंदौर के ब्रजेश्वरी एनेक्स इलाके में...
spot_imgspot_img