- उच्चाधिकारियों के स्तर पर हुई वार्ता के बाद संयंत्र के अपग्रेडेशन का कार्य 31 मई तक स्थगित
- खरीफ की फसलों की सिंचाई के लिए किसानों को बराबर मिलता रहेगा पानी
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: किसानों के लिए राहत भरी खबर है। खरीफ की फसलों की सिंचाई के लिए टिहरी बांध से जलापूर्ति बंद करने का निर्णय एक पखवाड़े के लिए टाल दिया है। उच्चाधिकारियों के स्तर पर हुई वार्ता के दौरान टिहरी संयंत्र के अपग्रेडेशन का काम अब 31 मई के बाद करने का निर्णय लिया जाएगा। बीती 14 मई मंगलवार से पानी का संकट पैदा होने की सूचना ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों और किसानों की बेचैनी बढ़ा दी थी। इस दौरान पानी बंद होने से किसानों के समक्ष पैदा होने वाली स्थिति मीडिया की सुर्खियां बनी रहीं।
जिसको लेकर किसानों ने भी आयुक्त और जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर समाधान कराने की मांग उठाई। किसानों के समक्ष खरीफ की फसलों को पानी देने में आने वाले संकट के संबंध में उच्चाधिकारियों के बीच वार्ता हुई। जिसमें यही उचित समझा गया कि टिहरी बांध से फिलहाल पानी की आपूर्ति जारी रखी जाए और संयंत्र को अपग्रेड करने का काम 31 मई के बाद कराया जाए। इस पर सहमति बनने के बाद गंगनहर में 13 हजार क्यूसेक पानी की आपूर्ति लगातार जारी रखने के आदेश जारी कर दिए गए हैं।
गौरतलब है कि टिहरी बांध से मेरठ खंड के लिए गंगनहर में तीन हजार क्यूसेक पानी छोड़ा जाता है। जबकि शेष पानी अलकनंदा और भागीरथी नदियों से मिलता है। मेरठ खंड के लिए 13 हजार क्यूसेक पानी की जरूरत होती है। जिसमें से 700 क्यूसेक एबी, 500 क्यूसेक देवबंद, 500 क्यूसेक देवबंद समानांतर, 1500 क्यूसेक अनूपशहर, 5000 क्यूसेक आगरा-मथुरा मंडल, 1200 क्यूसेक मेरठ-दिल्ली और 1000 क्यूसेक पानी मुजफ्फरनगर को दिया जाता है। वर्तमान में 13 हजार क्यूसेक पानी की आपूर्ति होने के कारण किसानों को राहत मिल गई है।

