- इस निर्णय से चिकित्सा जगत में नया अध्याय शुरू होगा
जनवाणी संवाददाता |
नजीबाबाद: केंद्र में मौजूदा मोदी सरकार द्वारा आयुष मंत्रालय के अंतर्गत आयुर्वेदिक चिकित्सकों को शल्य चिकित्सा (सर्जरी) की अनुमति देने के निर्णय का चिकित्सकों ने स्वागत किया है।
नगर के चिकित्सक नीमा एसोसिएशन के आजीवन सदस्य डा. शाकिर खान ने केन्द्र सरकार द्वारा आयुर्वेदिक चिकित्सको को शल्य चिकित्सा की अनुमति देने का सराहना करते हुए कहा कि इस फैसले से चिकित्सा जगत में नया अध्याय शुरू होगा।
डॉ शाकिर ने कहा कि सर्जरी के जनक महर्षि सुश्रुत जिन्होंने हजारो साल पहले भारत में ही शल्य चिकित्सा द्वारा चिकित्सा जगत में नया अध्याय शुरू किया था। मगर समय के साथ साथ आयुर्वेद और पारंपरिक चिकित्सा से सर्जरी को अलग कर सीमित कर दिया गया।
मौजूदा समय मे जब टेक्नलॉजी ने हर असम्भव कार्य सम्भव कर दिया है। चिकित्सा जगत में भी रोज नए अविष्कार हो रहे हैं ऐसे में संसाधनो को सीमित कर देना अनुचित होगा। अब ऐसे समय मे देश मे मौजूद पहले से ही आयुष मंत्रालय द्वारा आयुर्वेद और यूनानी शुद्ध भारतीय पैथी पर ध्यान देना एक विशेष महत्व रखता है। इसी को देखते हुए केंद्र सरकार ने आयुर्वेद के चिकित्सकों को सर्जरी की अनुमति दी है जिसका नीमा एसोसिएशन नजीबाबाद स्वागत करती है।
सरकार का ये कदम आमजन के लिए वरदान साबित होगा,उन्होंने कहा कि दुनिया भी जड़ी बूटियों से निर्मित औषधियों द्वारा गम्भीर बीमारियों के इलाज में सफल परिणाम को स्वयं देख चुकी है और साथ ही विदेशी लोग भी इसकी तरफ आकर्षित हुए है जिसके परिणाम स्वरूप ही सरकार द्वारा योगा और नेचरोपैथी को बढ़ावा दिया गया है। हम इस वर्ष भी पहले की भांति देख चुके हैं कि जब देश कोरोना जैसी गम्भीर समस्या से दुनिया के साथ साथ जूझ रहा था तब आयुष चिकित्सक समाज के लिए निजी और सरकारी तौर पर अपनी सेवायें दे रहे थे जिनमें सैकड़ो आयुष चिकित्सक शहीद भी हुए है।
आयुर्वेद और यूनानी दवाओं को कोरोना के लिए इलाज में कारगर माना जा रहा है। और कई प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाली औषधियों को इलाज में शामिल कर ग्रसित मरीजों को जल्द सेहत दिलाई है। ऐसे में किसी एक पद्दति द्वारा इस कानून का विरोध अब हास्यपद लगता है जब देश में चिकित्सा क्षेत्र में हर विभाग में डॉक्टर्स की कमी है। सरकार द्वारा लिया गया यह महत्वपूर्ण फैसला जनता और चिकित्सा जगत के लिए अत्यधिक फायदेमंद साबित होगा।

