Tuesday, March 17, 2026
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अब रूट और कलर के हिसाब से चलेंगे ई-रिक्शा

  • बगैर रजिस्ट्रेशन ई-रिक्शा रोड पर आयी तो निर्माता पर एफआईआर
  • सीज वाली ई-रिक्शाएं अब छोड़ी नहीं, खत्म की जा रही

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: यदि सब कुछ तय प्लान के मुताबिक हुआ तो महानगर को ई-रिक्शाओं की वजह से लगने वाले जाम की मुसीबत से छुटकारा मिल जाएगा। अब कोई भी ई-रिक्शा यदि आरटीओ में रजिस्ट्रेशन कराए बगैर रोड पर उतारी तो चालक के साथ-साथ ई-रिक्शा बनाने वाली कंपनी के खिलाफ भी पुलिस मुकदमा दर्ज कराएगी। मेरठ की अवैध ई-रिक्शाओं की वजह से जाम की आफत को लेकर दायर की गई जनहित याचिका पर संभवत: 25 जुलाई को हाईकोर्ट में सुनवाई होने जा रही है।

जनहित याचिका आरटीआई एक्टिविस्ट मिशन कंपाउंड निवासी मनोज चौधरी ने दायर की है। मई माह में दायर की गयी जनहित यायिका पर यह दूसरी सुनवाई होने जा रही है। इसके लिए कोर्ट ने मुख्य सचिव, डीजीपी, कमिश्नर, डीएम, एसएसपी व एसपी सिटी को नोटिस किया है। माना जा रहा है कि इसके चलते ही अवैध ई-रिक्शाओं के खिलाफ सख्ती बरती जा रही है। टैÑफिक पुलिस प्रतिदिन 100 अवैध ई-रिक्शाएं जब्त कर रही है। बगैर पंजीकरण के चल रही जब्त की जाने वालीं ई-रिक्शाओं को छोड़ा नहीं जा रहा है, उन्हें नष्ट किया जा रहा है। निर्माताओं को भी हिदायत दी गयी है कि ई-रिक्शा तभी रोड पर आए, तब आरटीओ में उसका पंजीकरण हो जाए।

ये होगी व्यवस्था

एसपी टैÑफिक राघवेंद्र मिश्रा ने बताया कि नई व्यवस्था के तहत ई-रिक्शाओं के लिए रूट व कलर निर्धारित कर दिए जाएंगे। निर्धारित रूट में उसके कलर वाली ई-रिक्शा को अनुमति होगी। अन्य ई-रिक्शा यदि आती है तो उस पर कार्रवाई की जाएगी। उम्मीद है कि यह व्यवस्था कांवड़ यात्रा के दौरान ही लागू कर दी जाएगी।

कुलपति को प्रोफेसर के बधाई संदेश से विवि में माहौल गर्माया

सीसीएसयू की कुलपति को जन्म दिन पर भेजे गए बधाई संदेश से परिसर का माहौल गरम है। हालांकि यह सब इंटरनल है। सीसीएसयू इंग्लिश विभाग के प्रो. डा. विकास शर्मा ने संदेश में कहा है कि जन्म दिन की हार्दिक शुभकामनाएं व बधाई। प्रभु से प्रार्थना है कि आप स्वस्थ्य रहें। साथ ही आसपास रहने वाले चाटुकारों व ब्रूटसों से सावधान रहें। साथ ही संदीप पहल जैसे भिंडवारा वाला को पालने वालों से भी परहेज करें। प्रधानमंत्री के लोकप्रिय नारे सबक साथसबका विश्वास का अनुसरण अवश्य करें, लेकिन सबका विश्वास कदापि न करें। इस बधाई संदेश को लेकर प्रोफेसरों के बीच खासी चर्चा है कि कौन चाटुकार हैं। किसको चाटुकार कहा जा रहा है। जब इस संबंध में प्रो. विकास शर्मा से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि ग्रुप में यह डाला गया है। अन्यथा नहीं लेना चाहिए।

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