Wednesday, March 25, 2026
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रसायन, कीटनाशक विक्रेता की दुकान सील, कई के लाइसेंस निलंबित

  • डीएम के निर्देश पर जिला कृषि रक्षा अधिकारी ने टीम के साथ की छापेमारी, कई जगह से लिए गए नमूने

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: कृषि विभाग की टीम ने शनिवार को हस्तिनापुर क्षेत्र में रसायन और कीटनाशक विक्रेताओं के यहां छापामार कार्रवाई की गई। जिसमें कई स्थानों पर अनियमितता सामने आने पर एक दुकान सील करने, कुछ जगह लाइसेंस निलंबन से लेकर कारण बताओ नोटिस जारी करने की कार्रवाई का निर्णय लिया गया। जिला कृषि रक्षा अधिकारी अमर पाल ने बताया कि जिलाधिकारी के निदेर्शों के अनुपालन में उन्होंने अपने कार्यालय के सहकर्मियों को साथ लेकर शनिवार को विकास खंड हस्तिनापुर के उर्वरक-कीटनाशी रसायन विक्रेताओं के प्रतिष्ठानों पर छापेमारी का सघन अभियान चलाया।

ग्राम तारापुर में उर्वरक-कीटनाशक के लाइसेंस के बिना बेचते हुए मयंक पुत्र राकेश की दुकान मौके पर सील कर दी गई। कीटनाशक-उर्वरक विक्रेता राजकुमार जैन की दुकान के निरीक्षण के दौरान उनके पास उर्वरक, कीटनाशी लाइसेंस पाया गया। हालांकि राजकुमार जैन की दुकान पर अनियमितता मिलने पर कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए तीन कीटनाशक नमूने लिए गए। जिन्हें विश्लेषण के लिए राजकीय कीटनाशी प्रयोगशाला भेजे जाएगा। जिला कृषि रक्षा अधिकारी के अनुसार विश्लेषण परिणाम में नमूने अमानक पाए जाने पर विधिक कार्रवाई की जाएगी।

ग्राम तारापुर में कुछ कीटनाशक विक्रेता दुकान बंद कर चले गए। उन सभी के कीटनाशी लाइसेंस निलंबित करते हुए कारण बताओ नोटिस जारी करने का निर्णय लिया गया है। ग्राम बामनौली, विकास खंड हस्तिनापुर के कीटनाशक विक्रेता भूपेंद्र सिंह की दुकान किसान खाद बीज भंडार को अनियमितता मिलने पर कारण बताओ नोटिस जारी करने का निर्णय लिया गया है।

विरोध देख बढ़े गृहकर के नोटिस किए स्थगित

नगर निगम द्वारा जीआईएस सर्वे के आधार पर बढ़े हुए गृहकर को लागू करने को लेकर बढ़ते विरोध को देखते हुए नगर निगम ने अब बढ़े हुए गृहकर के नोटिस को स्थगित कर दिया है। यह कार्रवाई मेयर हरिकांत अहलूवालिया के हस्तक्षेप के बाद की गई। दरअसल, नगर निगम ने नगर का जीआईएस सर्वे कराया था। सर्वे करने वाली कंपनी की रिपोर्ट मिलने के करीब डेढ़ वर्ष बाद नगर निगम ने अब गृहकर में बेतहाशा वृद्धि करके 27 वार्डों में हजारों लोगों को नोटिस भेजे।

संयुक्त व्यापार संघ के अध्यक्ष व पूर्व पार्षद अजय गुप्ता ने इसका विरोध किया। इसके साथ ही नगर निगम के पार्षदों ने भी विरोध शुरू कर दिया। यह मामला सांसद अरुण गोविल के समक्ष भी पार्षदों ने उठवाया और आरोप लगाया कि नगर निगम बोर्ड में इसे पास कराए बिना ही अधिकारियों द्वारा लागू किया जा रहा है। सांसद ने नगर प्रमुख को बुलवाकर इस मामले में हस्तक्षेप करके नगरवासियों के साथ न्याय संगत कार्रवाई करने को कहा।

अब नगर प्रमुख से अधिकारियों को इसकी तुष्टियों को दूर नगर निगम बोर्ड के समक्ष रखने और इसके बाद ही आगे की कार्रवाई करने के निर्देश दिए। नगर निगम के अधिकारी अब बैकफुट पर आ गए हैं। उन्होंने फिलहाल बढ़ी हुई दरों के नोटिस भेजने की कार्रवाई को स्थगित कर दिया। अपर नगर आयुक्त प्रमोद कुमार कहना है कि फिलहाल बढ़ी हुई दरों के गृहकर के नोटिस जारी नहीं किए जाएंगे। यदि कहीं कोई तुष्टि है तो पहले उसे दूर किया जाएगा।

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