Saturday, May 2, 2026
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डेड लाइन समाप्त, कभी भी शिफ्ट हो सकता है भैंसाली बस अड्डा

  • रूट डायवर्जन से यात्रियों की जेब पर बढ़ेगा भार

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: कांवड़ यात्रा के चलते भैंसाली बस अड्डे को अस्थाई रूप से सोहराब गेट डिपो में शिफ्ट करने और कुछ रूटों की बसों से बाइपास से संचालित करने की डेड लाइन रविवार की रात समाप्त हो गई। अब एनएच-58 पर कांवड़ियों की भीड़ बढ़ने पर किसी भी समय भैंसाली बस अड्डे को अस्थाई शिफ्ट कर दिया जाएगा। वहीं, दूसरी ओर रूट डायवर्जन होने पर यात्रियों की जेब पर भार बढ़ेगा। रोडवेज के कर्मचारी नई किराया सूची तैयार करने में जुटे रहे।

कांवड़ यात्रा के चलते भैंसाली डिपो को अस्थाई रूप से 10 दिनों के लिए सोहराब गेट डिपो में शिफ्ट कर दिया जाता है और बागपत रूट की बसों को शोभापुर बाईपास तथा बड़ौत रूट की बसों को रोहटा बाइपास से संचालित किया जाता है। इस वर्ष भी उक्त व्यवस्था को लागू किया जाएगा। इस बार प्रशासन ने 21 जुलाई की मध्यरात्रि को एनएच-58 पर कांवड़ियों की भीड़ बढ़ने पर भैंसाली डिपो को अस्थाई रूप से सोहराब गेट डिपो में शिफ्ट करने के आदेश दिए थे, लेकिन कांवड़ियों की संख्या कम होने के चलते रविवार को डिपो को शिफ्ट करने का आदेश नहीं दिया गया। इसलिए सोमवार को भी भैंसाली डिपो से ही बसों का संचालन होगा।

हालांकि भैंसाली डिपो के अधिकारियों व कर्मचारियों ने डिपो को शिफ्ट करने की तैयारी पूरी कर ली। जो रिकॉर्ड, रजिस्टर और फाइलें सोहराब गेट डिपो ले जायी जाएंगी उन्हें एक जगह रख लिया गया है। सोहराब गेट डिपो से दिल्ली की बसों को पहले खरखौदा, मोहिउद्दीनपुर होते हुए दिल्ली भेजा जाएगा। दिल्ली रोड पर भीड़ बढ़ने पर बसों को वाया हापुड़ संचालित किया जाएगा। मुजफ्फरनगर व सहारनपुर के लिए बसों को मीरापुर जानसठ होकर मुजफ्फरनगर व सहारनपुर भेजा जाएगा।

देहरादून की बसों को मीरापुर, जानसठ, मुजफ्फरनगर, देवबंद होकर भेजा जाएगा। उधर, शामली, पानीपत व अंबाला की बसों को कंकरखेड़ा बाइपास से संचालित किया जाएगा। बागपत की बसों को शोभापुर बाइपास से संचालित किया जाएगा। बड़ौत की बसों को रोहटा बाइपास से संचालित किया जाएगा। हालांकि इस रूट डायवर्जन से यात्रियों को अधिक किराया देना पड़ेगा। इसके लिए नई किराया सूची तैयार की जा रही है।

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