- 125 साल पुराना है शहर के सिंगल स्क्रीन सिनेमा हाल का इतिहास
- मल्टीप्लेक्स सिनेमा आने से सिंगल स्क्रीन से गायब हुए दर्शक
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: शहर के 125 साल पुराने बीस से ज्यादा सिंगल स्क्रीन सिनेमा हाल बदहाली के आंसू बहाते हुए खंडहर में तब्दील हो गए। जबकि कुछ मल्टीप्लेक्स में तब्दील हो गए। ओटीटी प्लेटफार्म के आने से मल्टीप्लेक्स सिनेमा घरों पर पर भी खतरों के बादल मंडराते हुए नजर आ रहे हंै। सोशल मीडिया के जरिए लोगों के मोबाइल व लेपटॉप पर ही मनोरंजन का साधन उपलब्ध हो गया है। मेरठ सिनेमा एग्जीबीटर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय गुप्ता का कहना है कि अगर सरकार ने ओटीटी प्लेटफार्म पर रोक नहीं लगाई तो मल्टीप्लेक्स सिनेमाघरों का भी सिंगल स्क्रीन सिनेमा घरों की तरह बंद हो जाएगा। काफी समय से बंद पड़ा गुलमर्ग सिनेमा भी आखिरकार टूटने लगा।
मेरठ के सिंगल स्क्रीन सिनेमा घर इतिहास के सुनहरे अक्षरों में अपना नाम दर्ज करा चुके हैं। एक जमाने में सिंगल स्क्रीन सिनेमाहाल की चकाचौंध ऐसी थी कि वर्तमान के मल्टीप्लेक्स सिनेमा में उसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती। ये सिनेमाहाल आज भले ही खंडहर या शापिंग कॉम्प्लेक्स और बरातघर बन चुके हैं, लेकिन जब भी सिनेमा का इतिहास दोहराया जाएगा, इनका जिक्र जरूर होगा।
पिछले कई सालों से दर्शकों की संख्या में कमी की वजह और विकसित होते मल्टीप्लेक्स के कारण पुराने सिनेमाघरों की रौनकें फीकी हो गईं। दर्शकों की कमी के कारण ही तीन साल पहले ही अप्सरा सिनेमा को अनिश्चितकाल के लिए बंद करके उसमें कॉम्प्लेक्स बना दिया गया। इसके साथ निशात सिनेमा हाल, गुलमर्ग, प्लाजा, निगार सिनेमा हाल, फिल्मीस्तान, नटराज आदि सिनेमा हाल खंडहर में तब्दील हो चुके हैं।
ओटीटी प्लेटफार्म से मल्टीप्लेक्स सिनेमा पर खतरा
अजय गुप्ता का कहना है कि सरकार ने कोरोना काल में ओटीटी प्लेटफार्म लांच किया। जिसमें नई फिल्म लांच होने लगी। लोग अपने घरों में ही बैठकर फिल्म देखने लगे। अब बड़े बड़े फिल्म प्रोडयूसर, डायरेक्टर, फिल्म मेकर भी अपनी नई फिल्म ओटीटी प्लेटफार्म पर लांच करने लगे। जिससे मल्टीप्लेक्स सिनेमा हाल पर खतरा मंडरा रहा है। उन्होंने कहना है कि नई फिल्म ओटीटी प्लेटफार्म पर आने से मल्टी प्लेक्स हाल में दर्शकों की कमी देखने को मिल रही है।
15 से 20 सिनेमा घर हो चुके हैं बंद
पुराने सिनेमा हाल के लिए नए मानकों का पालन करना संभव नहीं है। मल्टीप्लेक्स सिनेमा आने से दर्शकों का सिंगल स्क्रीन सिनेमा घर पर आना बंद हो गया। जिसके कारण मेरठ के 15 से ज्यादा सिनेमा घर बंद हो चुके हैं। सोशल मीडिया व मल्टीप्लेक्स सिनेमा घर की वजह से पुराने सिनेमा घरों से दर्शक गायब हो गए। जिसके चलते इन्हें बंद करना पड़ा।
आनंद हाल में पृथ्वीराज कपूर करते थे थियेटर
सिनेमा एग्जीबीटर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय गुप्ता का कहना है कि आनंद हाल के नाम से मशहूर रहे अप्सरा सिनेमा में बड़े-बडेÞ फिल्म कलाकार थिएटर किया करते थे। एक जमाने में सिने जगत के स्तंभ माने जाने वाले पृथ्वीराज कपूर अपनी टीम के साथ इसी आनंद हाल में थिएटर करने आया करते थे।
अप्सरा सिनेमाहाल का इतिहास 100 साल से भी पुराना है। इसकी शुरुआत वर्ष 1898 में रामनिवास हाल के नाम से हुई। इसके सुनहरे पन्नों पर न जाने कितने ही बॉलीवुड कलाकारों के नाम दर्ज हैं। इन कलाकारों ने यहां आकर न सिर्फ अभिनय किया, बल्कि फिल्में भी देखीं। सुनील दत्त, राजेश खन्ना और चेतन आनंद फिल्म आखिरी खत की रिलीज के समय यहां आए थे।
सिनेमाघर कितने साल पहले हुए बंद ?
रीवोली 38 साल
ईव्ज 34 साल
प्लाजा सिनेमा 28 साल
मधुबन 18 साल
मेफेयर 18 साल
पैलेस सिनेमा 29 साल
नटराज 12 साल
आम्रपाली 13 साल
फिल्मिस्तान 10 साल
मेघदूत 10 साल
मेनका 10 साल
रमेश थियेटर 13 साल
अप्सरा 3 साल
निशात 5 साल
ईरा सिनेमा हाल 7 साल

