Saturday, March 28, 2026
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Health Alert: अगर आपके बच्चों में भी है मोटापा की समस्या, तो कम उम्र में बढ़ सकता है हृदय रोगों का खतरा

नमस्कार, दैनिक जनवाणी डॉटकॉम वेबसाइट पर आपका हार्दिक स्वागत और अभिनंदन है बच्चे के स्वास्थ्य और विकास के लिए पर्याप्त और ठीक संतुलित आहार महत्वपूर्ण है। बच्चो को पौष्टिक आहार देना बहुत ही जरूरी माना जाता है। साथ ही स्वास्थ्य विशेषज्ञ बच्चों को बाहर खेलने के लिए भेजने, मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखने की सलाह देते हैं। आजकल बच्चे मोटापे की समस्या सेभी जूंझ रहे है और यह मोटापा कई समस्याओं का खतरा भी बन सकता है। ये एक समस्या उनकी उम्र भी घटा सकती है।

बच्चों में मोटापा की समस्या

एक रिपोर्ट से पता चलता है कि दुनियाभर में 88 करोड़ से अधिक लोग मोटापा से पीड़ित हैं। इसमें 16 करोड़ से अधिक लोग पांच से 19 की आयु वाले हैं। ये संख्या लगातार बढ़ रही हैं, जिससे युवा पीढ़ी के बीच मोटापा एक ‘महामारी’ के रूप में बढ़ती जा रही है।

मोटापे के लिए भले ही कोई भी कारण जिम्मेदार क्यों न हो, ये कई तरह की स्वास्थ्य संबंधी जटिलताओं को बढ़ाने वाली स्थिति हो सकती है। बचपन में मोटापा के कारण युवावस्था में हृदय रोग, डायबिटीज, लिवर की बीमारियों सहित संपूर्ण स्वास्थ्य पर इसका नकारात्मक असर हो सकता है।

कम उम्र में हृदय रोगों का बढ़ सकता है खतरा

मोटापा की समस्या को हृदय रोगों के लिए प्रमुख जोखिम कारक के रूप में जाना जाता है। वजन अधिक होने के कारण शरीर को रक्त का संचार ठीक रखने के लिए अधिक मेहनत करनी पड़ती है। इसके अलावा मोटापा को उच्च रक्तचाप (हाइपरटेंशन) और हाई कोलेस्ट्रॉल जैसे हृदय रोग के जोखिम कारकों को भी बढ़ावा देने वाला माना जाता है।

बढ़ जाता है डायबिटीज का जोखिम

हृदय रोग और डायबिटीज दोनों की समस्या दुनियाभर में तेजी से बढ़ती देखी जा रही है। कम उम्र में मोटापा की दिक्कत, भविष्य में इन दोनों ही बीमारियों को बढ़ाने वाली हो सकती है।

मोटापा इंसुलिन प्रतिरोध का कारण बन सकती है, जिस वजह से शरीर में ग्लूकोज का स्तर काफी तेजी से बढ़ने लगता है। शोध से पता चलता है कि मोटापा से ग्रस्त बच्चों में कम बीएमआई वाले बच्चों की तुलना में मधुमेह विकसित होने की आशंका अधिक देखी जाती रही है।

हालांकि, डायबिटीज की समस्या, हृदय रोगों का भी कारण बन सकती है। इसके अलावा इससे किडनी की बीमारी, आंखों को रोशनी कमजोर होने और तंत्रिकाओं में क्षति होने जैसी जटिलताओं का जोखिम भी अधिक हो सकता है।

मोटापा से हो सकती है उम्र कम

बचपन में मोटापा की समस्या क्रोनिक बीमारियों को तो बढ़ाती ही है साथ ही ये स्थिति आपकी कुल उम्र को भी कम करने वाली हो सकती है। इसी से संबंधित स्वीडिश वैज्ञानिकों द्वारा किए गए एक अध्ययन से पता चला है कि बचपन में मोटापा होने से 55 वर्ष की आयु से पहले मृत्यु का जोखिम दोगुना हो सकता है।

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