जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: आरआरटीएस कॉरिडोर पर 30 फीसदी काम पूरा हो गया है। 32 पिलर्स बनकर तैयार हो गए हैं, जिन पर तेजी से काम चल रहा है। इसका दावा बुधवार को एनसीआरटीसी की तरफ से एक प्रेस नोट जारी कर किया गया है। बुधवार को एनसीआरटीसी की टीम ने पत्रकारों की टीम को तैयार किये जा रहे पूरे ट्रेक का दौरा कराया तथा 30 फीसदी आंतरिक कार्य को दिखाया।
टैंक चौराहे से लेकर रुड़की रोड पर सड़क के दोनों ओर के पेड़ों को काट दिया गया है। इसी तरह से बिजली के खंभे भी शिफ्ट किये जा रहे हैं। एनसीआरटीसी के अधिकारियों ने इसकी पूरी तैयारी को देखा। शताब्दीनगर यार्ड का भी निरीक्षण किया। दिल्ली से दुहाई के बीच तेजी से काम चल रहा है, जिसमें आंतरिक कार्य तीस फीसदी कराया जा चुका है,जो सत्तर फीसदी बाकी है।
इस दिशा में तेजी से कार्य चल रहा है तथा दावा किया है कि 2025 तक आरआरटीसीएस को कॉरिडोर पर दौड़ा दिया जाएगा। 82 किमी लंबे दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ आरआरटीएस कॉरिडोर का निर्माण कार्य चल रहा है। 2019 में इसका शिलान्यास प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने किया था।
33 किमी लंबे भाग पर भी पिलर्स बनकर तैयार हो गए हैं, जिन पर कुछ काम बाकी है। दिल्ली और मेरठ की ओर से भी निर्माण कार्य गति पकड़ रहा है। वसुंधरा, गाजियाबाद और शताब्दीनगर मेरठ में स्थित यार्ड कार्य चल रहा है।
कॉरिडोर का विवरण
- लंबाई: 82.15 किमी
- एलीवेटेड लंबाई: 70.5 किमी
- भूमिगत लंबाई: 11.5 किमी किल्ली: 3.8 किमी
- दिल्ली में कॉरिडोर काहिस्सा: लगभग 14 किमी, यूपी में कॉरिडोर का हिस्सा करीब 68 किमी
- मेंटीनेस डिपो मोदीपुरम व दुहाई में बनेगा। इस पर करीब 30,274 करोड़ रुपये खर्च किये जाएंगे।

