नमस्कार, दैनिक जनवाणी डॉटकॉम वेबसाइट पर आपका हार्दिक स्वागत और अभिनंदन है। चर्चित राजा रघुवंशी हत्याकांड में मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी को मेघालय पुलिस ने सोमवार देर रात शिलांग के पुलिस स्टेशन में पेश किया। वहां उसकी मेडिकल जांच भी कराई गई। पुलिस को सोनम की तीन दिन की ट्रांजिट रिमांड मिली है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, सोनम के अलावा मामले में शामिल अन्य आरोपियों विशाल चौहान, आकाश राजपूत और आनंद कुर्मी को भी बुधवार को शिलांग की अदालत में पेश किया जाएगा। कहा जा रहा है कि पुलिस अब आरोपियों को लेकर उस घटनास्थल पर भी जाएगी, जहां राजा रघुवंशी की हत्या की गई थी। वहां घटना के सीन का रीक्रिएशन कराया जाएगा।
राजा रघुवंशी हत्याकांड की मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी को लेकर पुलिस की कार्रवाई अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच रही है। सोनम को गाजीपुर (उत्तर प्रदेश) से गिरफ्तार करने के बाद मेघालय पुलिस ने उसे शिलांग तक लाने के लिए एक जटिल और बहुस्तरीय ट्रांजिट ऑपरेशन को अंजाम दिया। पूरी यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी रही। सोनम को सबसे पहले गाजीपुर से गिरफ्तार किया गया, जहां से उसे तुरंत पटना के फुलवारी शरीफ पुलिस स्टेशन ले जाया गया। पटना में औपचारिक पूछताछ और कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद, पुलिस उसे लेकर कोलकाता, फिर रात करीब 10:45 बजे सोनम को लेकर पुलिस गुवाहाटी एयरपोर्ट पहुंची। यहां एयरपोर्ट परिसर में भी भारी सुरक्षा बल तैनात किया गया था।
राजा रघुवंशी हत्याकांड की गुत्थी अब लगभग सुलझ चुकी है। मेघालय पुलिस ने इस मामले में पत्नी सोनम रघुवंशी सहित कुल पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। हत्या को पूर्वी खासी हिल्स जिले के सोहरा में उस समय अंजाम दिया गया जब राजा और सोनम हनीमून पर गए थे। राजा रघुवंशी और सोनम 23 मई को सोहरा पहुंचे थे। उसी दिन दोनों लापता हो गए, जिससे पहले शक की शुरुआत हुई। इसके बाद 2 जून को एक खाई से राजा का शव बरामद हुआ
इस बीच 9 जून को सोनम सुबह-सुबह यूपी के गाजीपुर में सामने आई और पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। इससे पहले पुलिस और एसआई ने कथित तौर पर देश को हिला देने वाले अपराध में शामिल अन्य लोगों को भी पकड़ लिया। मामले में अब तक सोनम समेत पांच लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
कैसे दिया था साजिश को अंजाम
साजिश को अंजाम देने के लिए सोनम और राज ने शिलांग को ठिकाना चुना। इसी के तहत सोनम ने राजा को हनीमून के लिए शिलांग जाने के लिए मनाया। दोनों ने राजा की हत्या के लिए भाड़े पर तीन हत्यारे किए। खुद शिलांग न जाकर राज ने तीनों हत्यारों आकाश राजपूत, विशाल चौहान और आनंद कुर्मी को इंदौर से ही सोनम-राजा के पीछे लगा दिया। शिलांग में राजा ने जहां से स्कूटर किराये पर लिया, वहीं से हत्यारों ने भी बाइक किराये पर ली थी। तीनों ने खुद को मप्र का बताकर राजा का विश्वास जीता और साथ में घूमते रहे। तीनों हत्यारों को दंपती के साथ एक गाइड ने भी देखा था। यह सुराग भी पुलिस के लिए इस मामले में अहम साबित हुआ। सोनम के सामने ही हत्यारों ने राजा की सोहरा स्थित बंद पार्किंग यार्ड में धारदार हथियार से हत्या की। इसके बाद राजा के शव को खाई में फेंक दिया। शव ठिकाने लगाने के बाद तीनों हत्यारे अलग हो गए।
अचानक गायब हुआ जोड़ा
- 23 मई को सोनम ने सास से बात की। दोपहर बाद दोनों के फोन अचानक बंद हो गए। इससे सवाल खड़े हुए। पुलिस ने इसे जांच में लिया।
- हत्या के बाद हथियार भी राजा के शव के पास मिला। यदि हत्यारों को सोनम को भी मारना होता, तो उसी का इस्तेमाल करते। इससे पुलिस समझ गई कि सोनम की हत्या नहीं हुई है। वह लापता है।
- सोनम ने पूरी साजिश रची थी। उसी ने गुवाहटी के लिए प्लेन के टिकट बुक कराए थे। पर, वापसी के टिकट नहीं बुक कराए थे। यह तथ्य भी सवाल खड़े कर रहे थे।
इस वजह से पुलिस को सोनम पर हुआ शक
सोनम नौ लाख रुपये नकद और शादी में मिले गहने लेकर शिलांग गई थी। इन पैसों की मदद से वह इतने दिन तक बचती फिर रही थी। सोनम हत्या के बाद नेपाल भागने की फिराक में थी। दो अन्य युवकों ने इतने दिनों तक उसकी छिपने और यात्राएं करने में मदद की। इतनी बड़ी मात्रा में नकदी और गहने ले जाने से भी पुलिस को सोनम पर शक बढ़ा था।

