जनवाणी संवाददाता |
सहारनपुर: रोज़ी-रोटी के लिए फाइनेंस पर गाड़ी लेने वाले गरीब मजदूर के साथ धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। आरोप है कि पहचान का ही एक व्यक्ति गाड़ी अपने कब्जे में लेकर न तो बैंक की किश्तें जमा कर रहा है और न ही पीड़ित को कोई पैसा दे रहा है। जब मजदूर ने गाड़ी वापस मांगी तो उसके साथ मारपीट कर जान से मारने की धमकी दी गई। थाने में शिकायत के बावजूद कार्रवाई न होने पर पीड़ित ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। कोर्ट के आदेश पर अब मुकदमा दर्ज हुआ है। कोतवाली देहात क्षेत्र के गांव तेलीपुरा निवासी मोहम्मद नौमान ने मई 2023 में चौला मंडलम फाइनेंस बैंक से लोन लेकर चारपहिया वाहन खरीदा था। नौमान का कहना है कि उन्होंने यह गाड़ी मजदूरी से कमाई कर किस्तें चुकाने के इरादे से ली थी। लेकिन बीमारी के चलते वे खुद गाड़ी नहीं चला पाए।
इसी दौरान मुजफ्फरनगर निवासी सोनू मलिक उनसे मिला और गाड़ी खुद चलाने की बात कही। उसने नौमान से वादा किया कि गाड़ी से कमाई कर वह हर महीने बैंक की किश्तें जमा करेगा और नौमान को भी कुछ रकम देगा। दोनों के बीच इस समझौते को लेकर सहारनपुर दीवानी कचहरी में लिखित करारनामा भी हुआ। आरोप है कि गाड़ी अपने कब्जे में लेने के बाद सोनू मलिक ने न तो किस्तें जमा कीं और न ही नौमान को कोई पैसा दिया।नौमान के मुताबिक, जब 4 अप्रैल 2025 को उन्होंने अपनी गाड़ी वापस मांगी तो सोनू ने गाली-गलौज करते हुए उनके साथ मारपीट की और जान से मारने की धमकी दी।
पीड़ित ने कोतवाली देहात में शिकायत की, लेकिन पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की। इसके बाद नौमान ने एसीजेएम प्रथम सहारनपुर की अदालत में प्रार्थना पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई। कोर्ट के आदेश पर थाना कोतवाली देहात में आरोपी सोनू मलिक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।कोर्ट में दाखिल प्रार्थना पत्र में नौमान ने आरोप लगाया है कि सोनू मलिक ने उसके साथ धोखाधड़ी, अमानत में ख्यानत, गाली-गलौज, मारपीट और जान से मारने की धमकी दी है।

