Friday, March 13, 2026
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Meerut News: एंटी करप्शन ने एसीएम चतुर्थ के चपरासी को रिश्वत लेते दबोचा

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: एसीएम-4 (अपर नगर मजिस्ट्रेट चतुर्थ) कोर्ट का चपरासी रणवीर पांच हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए एंटी करप्शन टीम के हत्थे चढ़ गया। टीम ने सोमवार की सुबह मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में उसे रंगे हाथों पकड़ लिया। आरोपी रणवीर पिछले कई दिनों से जमीन विवाद के मामले में उलझे एक पक्षकार से पैसों की डिमांड कर रहा था।

लोहियानगर थाना क्षेत्र के गांव फफूंडा निवासी संतरपाल ने बताया कि उसकी पारिवारिक जमीन का विवाद जनवरी 2021 से एसडीएम कोर्ट में चल रहा था। अगस्त 2021 में यह मुकदमा एसीएम-4 कोर्ट में ट्रांसफर हो गया। तभी से कोर्ट का चपरासी रणवीर फाइल को आगे बढ़ाने और आदेश तहसील तक पहुंचाने के लिए रिश्वत मांग रहा था। संतरपाल के मुताबिक, पेशकार ने पहले उससे 50 हजार रुपए मांगे थे। इसके बाद रणवीर ने पांच हजार की डिमांड की।

शुक्रवार रात पौने नौ बजे रणवीर ने संतरपाल को फोन कर पैसों की मांग दोहराई। परेशान संतरपाल ने तुरंत एंटी करप्शन टीम को इसकी शिकायत की। टीम ने पूरे मामले की योजना बनाकर सोमवार सुबह कार्रवाई की। बूंदाबांदी के बीच संतरपाल पांच हजार रुपये केमिकल लगे नोट लेकर कोर्ट पहुंचा। जैसे ही उसने नोट रणवीर को दिए, एंटी करप्शन टीम ने दबिश देकर आरोपी को पकड़ लिया। तलाशी में उसके पास वही नोट बरामद हुए। इसके बाद टीम रणवीर को सिविल लाइन थाने ले गई।

रणवीर के खिलाफ केस दर्ज, पूछताछ जारी

एंटी करप्शन के प्रभारी निरीक्षक मयंक अरोड़ा ने सिविल लाइन थाने में चपरासी रणवीर के खिलाफ केस दर्ज कराया है। आरोपी रणवीर ब्रहमपुरी थाना क्षेत्र की सूयार्पुरम कॉलोनी का रहने वाला है। फिलहाल, पुलिस उससे पूछताछ कर रही है। उनका कहना है कि कोर्ट और राजस्व विभाग से जुड़े मामलों में रिश्वतखोरी की शिकायतें लगातार मिलती रहती हैं। इस बार शिकायत पर त्वरित कार्रवाई की गई, ताकि पीड़ित को राहत मिल सके।

फोन पर किया था ट्रेप

संतरपाल ने शुक्रवार को चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी रणवीर को फोन किया। फोन उठाते ही रणवीर ने फोन पर ही कहा कि वह सोमवार को पांच हजार रुपये लेकर आफिस आ जाए। पांच हजार रुपये देते ही उनकी फाइल तुरंत ही तहसील में पहुंच जाएगी। संतरपाल ने रणवीर की सारी बातें रिकॉर्ड कर ली। इसके बाद उसने तुरंत ही एंटी करप्शन थाने के प्रभारी को सुनाई। रिश्वत मांगने की लिखित में शिकायत की। टीम ने ओडियो रिकॉर्डिंग सुनते ही चतुर्थ श्रेणी को पकड़ने के लिए जाल बिछा दिया।

मैं दुनिया को तारीख देता हूं, तू मुझे तारीख दे रहा

संतरपाल ने बताया कि चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी रणवीर उससे बार बार रिश्वत मांगने के लिए फोन कर रहा था। उसने कहा कि वह सोमवार को आ जाएगा। इसके बाद उसने कहा कि वह बार बार से उसे तारीख पे तारीख दे रहा है। वह कोर्ट में दुनिया को तारीख देता है। तू मुझे तारीख पे तारीख दे रहा है। जल्दी से कोर्ट में रुपये लेकर आ जा।

चपरासी संभाल रहा था क्लर्क का काम

नाम के लिए वह चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी था, लेकिन वह सारा लिखापढ़ी का काम करता था। वह एक क्लर्क का काम भी संभाल रहा था। सारे मुकदमों की फाइल भी उसकी देखरेख में रहती थी

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