जनवाणी संवाददाता |
सहारनपुर: नशे के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान “ऑपरेशन सवेरा – नशे के अंधकार से जीवन के उजाले की ओर” के तहत सहारनपुर परिक्षेत्र की पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। परिक्षेत्र के तीनों जिलों सहारनपुर, शामली और मुज़फ़्फ़रनगर में पुलिस टीमों द्वारा संयुक्त कार्रवाई करते हुए अब तक कुल 104 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है। इनके पास से विभिन्न प्रकार के मादक पदार्थ बरामद किए गए, जिनकी अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में कुल कीमत लगभग 13 करोड़ 30 लाख 35 हजार 370 रुपये आंकी गई है।अभियान के दौरान पुलिस ने बड़ी मात्रा में स्मैक भी पकड़ी है। कुल 6.556 किलोग्राम स्मैक की बरामदगी की गई है, जिसकी कीमत करोड़ों रुपये बताई जा रही है। इसके अलावा नशे के अन्य पदार्थ भी जब्त किए गए हैं।
नशे का हब बने इलाके
गौरतलब है कि सहारनपुर, शामली और मुज़फ़्फ़रनगर जिले लंबे समय से नशे के गढ़ के रूप में कुख्यात रहे हैं। खासतौर पर सहारनपुर से लेकर शामली जिले के कैराना के खादर इलाकों में स्मैक का कारोबार बड़े पैमाने पर फल-फूल रहा है। यहाँ नशे के सौदागर मोटा मुनाफा कमा रहे हैं, आलीशान गाड़ियों में घूम रहे हैं और बड़ी संपत्ति अर्जित कर रहे हैं।दूसरी ओर, इस ज़हरीले कारोबार ने युवाओं की ज़िंदगी बर्बाद कर दी है। नशे की गिरफ्त में आकर वे अपने भविष्य से समझौता कर रहे हैं। इतना ही नहीं, इस धंधे में महिलाओं और बच्चों तक को शामिल किया गया है, जिससे नशे का जाल और गहरा होता जा रहा है।पुलिस सूत्रों के अनुसार, परिक्षेत्र के तीनों जिलों में लगातार दबिशें दी गईं। तस्करों के साथ-साथ नेटवर्क से जुड़े कई शातिरों को भी गिरफ्तार कर सप्लाई चेन पर करारी चोट की गई।
डीआईजी अभिषेक सिंह का बयान
परिक्षेत्रीय पुलिस उपमहानिरीक्षक (डीआईजी) अभिषेक सिंह ने बताया कि “ऑपरेशन सवेरा” का लक्ष्य नशे की रोकथाम, युवाओं को नशे के जाल से बचाना और समाज को सुरक्षित बनाना है। उन्होंने कहा कि नशे के अवैध कारोबार में लिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और यह अभियान और अधिक प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाया जाएगा।डीआईजी ने यह भी स्पष्ट किया कि जल्द ही नशे के सौदागरों पर गैंगस्टर एक्ट जैसी गंभीर कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, उनके द्वारा नशे के कारोबार से अर्जित की गई काली संपत्ति को जब्त करने की कार्रवाई भी अमल में लाई जाएगी।उन्होंने ने आमजन से अपील की है कि वे नशे के खिलाफ इस मुहिम में सहयोग करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।

