जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले में शनिवार रात एक दर्दनाक हादसा हो गया। शिप्रा नदी में कार गिरने से दो पुलिसकर्मियों की मौत हो गई, जबकि महिला आरक्षक अभी भी लापता हैं। यह हादसा तब हुआ जब तीनों पुलिसकर्मी लापता किशोरी की तलाश में निकले थे।
मृतकों की पहचान
नदी से दो शवों को बरामद कर लिया गया है। इनकी पहचान इस प्रकार की गई है:
थाना प्रभारी अशोक शर्मा (उन्हेल थाना, उज्जैन)
सब-इंस्पेक्टर मदनलाल निनामा
वहीं, महिला आरक्षक आरती पाल का अभी तक कोई सुराग नहीं मिला है। उनकी तलाश के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है।
हादसा कैसे हुआ?
शनिवार देर रात की घटना है। शिप्रा नदी के बड़े पुल से एक कार असंतुलित होकर नदी में जा गिरी। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी।
सूचना मिलते ही मौके पर पुलिस, नगर निगम, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, होमगार्ड और गोताखोरों की टीमें पहुंचीं। रात भर चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद भी कोई सफलता नहीं मिली।
सुबह फिर शुरू हुआ रेस्क्यू, मिले शव
रविवार सुबह 6 बजे रेस्क्यू ऑपरेशन फिर शुरू हुआ। इसी दौरान भैरवगढ़ क्षेत्र में नदी में एक शव दिखाई देने की सूचना मिली। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर पहले थाना प्रभारी अशोक शर्मा का शव निकाला।
बाद में नदी से दूसरा शव सब-इंस्पेक्टर मदनलाल निनामा का भी बरामद किया गया।
किस मिशन पर निकले थे पुलिसकर्मी?
उज्जैन के एसपी प्रदीप शर्मा ने बताया कि तीनों पुलिसकर्मी गुराडिया-सांगा क्षेत्र से लापता हुई 14 वर्षीय किशोरी की तलाश में निकले थे। वे चिंतामण क्षेत्र की ओर जा रहे थे। इसी दौरान यह हादसा हो गया।
उन्होंने कहा कि संभावना है कि महिला आरक्षक आरती पाल कार चला रही थीं, जो संभवतः नियंत्रण खो बैठीं, और कार पुल से सीधे नदी में जा गिरी।
अब क्या चल रहा है?
महिला आरक्षक आरती पाल और कार की तलाश अब भी जारी है।
रेस्क्यू टीमें नदी में लगातार खोजबीन कर रही हैं।
पुलिस विभाग में शोक की लहर फैल गई है।
परिजनों को सूचना दे दी गई है और अंतिम संस्कार की तैयारियाँ की जा रही हैं।

