Wednesday, April 1, 2026
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Bomb Threat: दिल्ली में स्कूलों को बम की धमकी का सिलसिला जारी, आज फिर कई संस्थानों को मिली धमकी

जनवाणी ब्यूरो |

नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकियाँ थमने का नाम नहीं ले रही हैं। शनिवार सुबह एक बार फिर डीपीएस द्वारका, कृष्णा मॉडल पब्लिक स्कूल और सर्वोदय विद्यालय सहित कई शैक्षणिक संस्थानों को बम से उड़ाने की धमकी दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस और बम निरोधक दस्ते सक्रिय हो गए और स्कूलों की घेराबंदी कर तलाशी अभियान चलाया गया।

छात्रों और स्टाफ को सुरक्षित निकाला गया बाहर

एहतियात के तौर पर सभी स्कूलों से छात्रों और कर्मचारियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। पुलिस और बम स्क्वाड द्वारा पूरे परिसर की गहन तलाशी ली जा रही है। हालांकि खबर लिखे जाने तक किसी प्रकार की संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई है।

पिछले कुछ महीनों से लगातार मिल रही हैं झूठी धमकियां

यह कोई पहली घटना नहीं है। दिल्ली पुलिस के अनुसार, जनवरी 2025 से अगस्त 2025 तक दिल्ली-एनसीआर के 100 से ज्यादा स्कूलों और कॉलेजों को बम की धमकी मिल चुकी है। इन संस्थानों में डीपीएस वसंत विहार, अमेटी स्कूल साकेत, सलवान पब्लिक स्कूल, मॉडर्न स्कूल, वसंत वैली स्कूल, सेंट स्टीफंस कॉलेज और श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स (SRCC) जैसे प्रमुख नाम शामिल हैं।

जुलाई में चार दिनों के भीतर 50 से ज्यादा धमकियां

विशेष रूप से जुलाई माह में स्थिति और भी गंभीर रही जब चार दिनों में 50 से ज्यादा स्कूलों को धमकी भरे ई-मेल भेजे गए। 17 जुलाई को पुलिस ने इस मामले में 12 वर्षीय एक बच्चे को गिरफ्तार किया था, जिसने सेंट स्टीफंस कॉलेज और सेंट थॉमस स्कूल को धमकी दी थी।

अदालती संस्थान भी निशाने पर

धमकी देने वालों ने सिर्फ स्कूलों को ही नहीं, बल्कि न्यायिक संस्थानों को भी निशाना बनाया है:

15 फरवरी 2024: दिल्ली हाईकोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी मिली थी, जो जांच के बाद फर्जी पाई गई।

16 अप्रैल 2025: द्वारका जिला अदालत में बम रखे होने की सूचना मिलने के बाद परिसर को खाली कराया गया।

1 मई 2025: दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली पुलिस और सरकार को नोटिस जारी कर बम धमकी से निपटने के संसाधनों और तैयारियों की जानकारी मांगी।

क्या बोली दिल्ली पुलिस?

दिल्ली पुलिस का कहना है कि अब तक मिली सभी धमकियाँ झूठी साबित हुई हैं, लेकिन हर मामले को पूरी गंभीरता से लिया जाता है ताकि किसी भी अनहोनी की आशंका को समय रहते टाला जा सके। साइबर सेल और अन्य जांच एजेंसियाँ मामले की तह तक पहुँचने के प्रयास में जुटी हुई हैं।

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