- मुंडाली के सिसौली का मूल निवासी था शहीद हवलदार
- सैन्य अस्पताल में उपचार के दौरान ली अंतिम सांस
जनवाणी संवाददाता |
मुंडाली: तीन दिन पूर्व कश्मीर के शोपियां जिले में आतंकवादियों से मुठभेड़ के दौरान घायल हुए मेरठ मुंडाली के सिसौली निवासी हवलदार ने सोमवार को श्रीनगर के सैन्य अस्पताल में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। शहादत की खबर से परिवार सहित पूरे गांव में मातम छा गया। मंगलवार को सैनिक का पार्थिव शरीर सिसौली पहुंचने की संभावना है।
मेरठ मुंडाली का सिसौली निवासी अनिल तोमर पुत्र भोपाल सिंह तोमर जम्मू कश्मीर की 44वीं राष्ट्रीय रायफल्स शोपियां एवं पुलवामा में बतौर घातक प्लाटून हवलदार तैनात थे। मूल यूनिट 23 राजपूत के इस हवलदार पर फिलहाल क्यूआरटी के कमांडर की कमान थी।
सैन्य सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार गत शनिवार को राजपूत रेजिमेंट को दक्षिणी कश्मीर शोपियां जिले के कनीगाम में आतंकवादियों के छुपे होने की सूचना मिली। जिस पर रेजिमेंट ने कार्डन एंड सर्च आॅपरेशन चला दिया। इस बीच आतंकियों से सेना की मुठभेड़ हुई, जिसमें हवलदार अनिल गंभीर घायल हो गए।
नाजुक हालत के चलते घायल को तुरंत हेलीकॉप्टर से श्रीनगर के 92 बेस अस्पताल लाया गया यहां सोमवार सुबह उपचार के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली। वैसे तो सैन्य अधिकारियों रविवार को ही परिजनों को अनिल के आतंकी मुठभेड़ में घायल होने की सूचना दे चुके थे।
जिससे परिवार में चिंता का महौल था, लेकिन सोमवार को पत्नी मीनू पर अनिल की शहादत का फोन आते ही परिवार में कोहराम मच गया। ग्रामीणों को खबर लगते ही पूरे गांव में मातम छा गया।
पिता किसान, बेटे सेना में जवान
ग्रामीणों ने बताया कि भोपाल सिंह तोमर किसान है। उसके दो बेटे ही बेटे थे। दोनों को उन्होंने देश सेवा में भेज रखा था। इनमें बड़ा बेटा अनिल सोमवार को शहीद हो गया। छोटा सुनील गंगानगर राजस्थान में तैनात है।
20 साल पूर्व हुए थे भर्ती
शहीद हवलदार अनिल के चचेरे भाई नरेंद्र तोमर ने बताया कि अनिल तोमर करीब 20 साल पहले फतेहगढ़ से सेना में भर्ती हुए थे। शहीद अनिल के दो बच्चे बड़ी बेटी तान्या (14) और छोटा बेटा अक्षय (8) है। बताया कि सैन्य अधिकारी श्रीनगर से पार्थिव शरीर लेकर रवाना हो चुके हैं। मंगलवार को उनके सिसौली पहुंचने की पूरी संभावना है। यहीं पूर्ण राजकीय सम्मान के साथ सैनिक का अंतिम संस्कार किया जाएगा।

