जनवाणी ब्यूरो ।
नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में समाजवादी पार्टी (सपा) की महिला नेता सुमैया राणा के खिलाफ एक विवादित सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर FIR (First Information Report) दर्ज की गई है। उन पर आरोप है कि उन्होंने एक ऐसा बयान दिया, जिसने सांप्रदायिक तनाव को बढ़ावा देने की कोशिश की।
आपको बता दें कि इस पूरे विवाद की शुरुआत तब हुई, जब सपा नेत्री सुमैया राणा ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में लिखा “अब भीड़ नहीं, सैलाब आएगा। हम खुशी-खुशी ग गोलियां खा लेंगे, लेकिन ये जुल्म बर्दाश्त नहीं होंगे।”
यह पोस्ट उस घटना से जुड़ी है, जिसमें बरेली में कुछ लोग “I LOVE Muhammad” लिखे पोस्टर्स लेकर सड़क पर निकल आए थे और पुलिस ने उन पर लाठीचार्ज किया था।
सपा नेत्री ने इस कार्रवाई को “बहुत ही शर्मनाक” और “अनुचित दमन” कहा। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस किसी अपराधी की तरह व्यवहार कर रही है, और उन्हें खुली चुनौती दी कि अगर पुलिस चाहती है तो बंदूकों के साथ तैयार हो जाए।
उनका मुख्य तर्क यह है कि जनता को बोलने की आज़ादी है, और यदि धार्मिक भावनाओं की वजह से इस आज़ादी पर रोक लगाई जाए, तो उससे सामाजिक सौहार्द बिगड़ेगा।
पोस्ट वायरल होते ही FIR दर्ज
पोस्ट वायरल होते ही यूपी पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लिया। उन्होंने एक लिखित तहरीर के आधार पर FIR दर्ज कर दी, जिसमें कहा गया कि राणा का यह बयान “सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की प्रबल संभावना” पैदा करता है और “मुस्लिम समुदाय को भड़काने व बरगलाने” का प्रयास है।
मामले की जांच की जिम्मेदारी निरीक्षक अरुण कुमार को सौंपी गई है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि सोशल मीडिया पर इस तरह के चुनौतीपूर्ण वक्तव्य देने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई अनिवार्य रूप से की जाएगी।

