जनवाणी ब्यूरो ।
नई दिल्ली: दिल्ली में करीब 27 साल बाद बीजेपी ने सत्ता में वापसी की है और इस वापसी में कई पार्षद और विधायक बने हैं। अब 12 सीटों पर हुए उपचुनावों के परिणाम सामने आ गए हैं। इनमें बीजेपी ने 7 सीटों पर जीत दर्ज की, आम आदमी पार्टी (AAP) ने 3 सीटों पर जीत हासिल की, कांग्रेस ने 1 सीट जीती और ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक (AIFB) के प्रत्याशी ने भी 1 सीट पर जीत दर्ज की। इस बार की 12 सीटों में से पहले बीजेपी के पास 9 और AAP के पास 3 सीटें थीं, जिससे बीजेपी को कुल 2 सीटों का नुकसान हुआ है।
ये उपचुनाव मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज के लिए महत्वपूर्ण थे। मुख्यमंत्री के लिए यह खास इसलिए था क्योंकि शालीमार बाग सीट पर बीजेपी प्रत्याशी की जीत से उनके और सरकार के पक्ष में सकारात्मक संदेश जाएगा। शालीमार बाग सीट पर बीजेपी की अनिता जैन ने AAP की बबीता राणा को 10,101 वोटों से हराया। वहीं, द्वारका बी सीट पर बीजेपी ने 9,000 से कम वोटों के अंतर से जीत हासिल की।
AAP के लिए भी यह चुनाव चुनौतीपूर्ण था। पार्टी ने अपनी पहले से जीती हुई चांदनी महल, चांदनी चौक और ग्रेटर कैलाश सीटों पर हार का सामना किया। चांदनी महल सीट पर पूर्व विधायक शोएब इकबाल ने AIFB उम्मीदवार को समर्थन दिया, जिससे AAP हार गई। ग्रेटर कैलाश सीट, जहां से सौरभ भारद्वाज खुद विधायक थे, वहां भी बीजेपी ने 4,000 से अधिक वोटों के अंतर से जीत दर्ज की।
सौरभ भारद्वाज ने चुनाव परिणामों पर कहा कि यह छोटा चुनाव था, और इस लिटमस टेस्ट में दो बातें सामने आईं: बीजेपी नीचे आ रही है और बड़े नेताओं ने कहा कि “AAP के पार्षद को चुनोगे तो काम नहीं करने देंगे,” बावजूद इसके बीजेपी ने अपनी जीत दर्ज की। दिल्ली बीजेपी ने सोशल मीडिया पर अपने जीते हुए प्रत्याशियों को बधाई दी, लेकिन पार्टी के आधिकारिक हैंडल से कोई बयान जारी नहीं किया गया।

