जनवाणी संवाददाता |
सहारनपुर: राहुल गांधी के आह्वान पर दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित “वोट चोर, गद्दी छोड़” रैली में शामिल होने के लिए सहारनपुर से कांग्रेस कार्यकर्ताओं का बड़ा जत्था दिल्ली रवाना हुआ। ननौता स्थित रेलवे क्रॉसिंग पर कांग्रेसजन एकत्रित हुए, जहां जिला अध्यक्ष संदीप सिंह राणा के नेतृत्व में लगभग ढाई सौ वाहनों का काफिला दिल्ली के लिए रवाना हुआ।इस अवसर पर संदीप सिंह राणा ने कहा कि भाजपा द्वारा की जा रही कथित वोट चोरी और संवैधानिक संस्थाओं पर कब्जे की सच्चाई को उजागर करने के लिए देशभर से लाखों कांग्रेस कार्यकर्ता दिल्ली पहुंच रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने आजादी के बाद बाबा साहब अंबेडकर के संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत किया है, जबकि भाजपा इन्हें कमजोर कर देश को एक बार फिर राजशाही की ओर ले जाना चाहती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आजादी के आंदोलन से जन्मी कांग्रेस संविधान और लोकतंत्र की रक्षा के लिए हर कुर्बानी देने को तैयार है।
पूर्व राज्य मंत्री शायान मसूद ने कहा कि राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस का संघर्ष ही संविधान की सुरक्षा सुनिश्चित करेगा। पूर्व विधायक मसूद अख्तर ने आरोप लगाया कि भाजपा संवैधानिक संस्थाओं पर कब्जा कर लोकतंत्र की हत्या कर रही है। हमजा मसूद ने कहा कि बाबा साहब का संविधान और लोकतंत्र ही देश की जीवन रेखा है, जिसे किसी भी कीमत पर कमजोर नहीं होने दिया जाएगा।फाटक पर उपस्थित कांग्रेसजनों को पूर्व विदेश सचिव प्रवीण चौधरी, सांसद प्रतिनिधि संदीप वर्मा, संदीप चौधरी फांदपुरी, जिला उपाध्यक्ष वरुण शर्मा, विवेक कांत सिंह, सरदार चंद्रजीत सिंह निक्कू, पवन मौर्य, युवा कांग्रेस जिला अध्यक्ष गौरव वर्मा, अनुसूचित जाति विभाग के जिला अध्यक्ष मुनेश सहगल सहित अन्य नेताओं ने भी संबोधित किया।
दिल्ली रवाना होने वालों में पूर्व जिलाध्यक्ष चौधरी मुजफ्फर अली, जिला प्रवक्ता गणेश दत्त शर्मा, नितिन शर्मा, वरुण शर्मा, पवन मौर्य, विवेक कांत सिंह, सरदार चंद्रजीत सिंह निक्कू, प्रवीण चौधरी, गौरव वर्मा, कुलवंत कौर, पल्लवी बाली, अक्षय चौधरी, कार्तिक राणा, उमेश त्यागी, विनय राणा, सुदेश प्रधान, विक्की पूजना, संदीप चौधरी, गुलबहार अब्बासी, मोहम्मद सूफियान, मुनेश सहगल, अशोक सैनी, अरविंद पालीवाल, ओमपाल सिंह डंकावाली, राजपाल सिंह, राहत खलील, रजनीश प्रधान, पवन सिंह राणा, नितिन राणा, अरुण राणा, हर्ष राणा, मनिंदर राणा, जुबेर अहमद, सोनू राम रंडौल सहित हजारों कार्यकर्ता शामिल रहे

