जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: केंद्रीय बजट से ठीक एक दिन पहले वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बुधवार को संसद के पटल पर आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 पेश किया। सरकार की इस रिपोर्ट कार्ड में संकेत दिया गया है कि आने वाले वित्त वर्ष 2026-27 में भारतीय अर्थव्यवस्था की रफ्तार में हल्की सुस्ती आ सकती है, हालांकि दीर्घकालिक आधार पर विकास की तस्वीर मजबूत बनी हुई है।
विकास दर में गिरावट के संकेत
आर्थिक सर्वेक्षण के मुताबिक, वित्त वर्ष 2026-27 (सर्वे में अनुमानित वर्ष 2027) में भारत की जीडीपी विकास दर 6.8% से 7.2% के बीच रह सकती है। यह मौजूदा वित्त वर्ष के अनुमान से कम है। सरकार का अनुमान है कि चालू वित्त वर्ष में भारतीय अर्थव्यवस्था 7.4% की दर से बढ़ेगी, जिसे उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन माना गया है।
रोजगार के मोर्चे पर राहत के संकेत
रोजगार को लेकर सर्वे में सकारात्मक तस्वीर पेश की गई है। रिपोर्ट के अनुसार, 15 वर्ष और उससे अधिक आयु वर्ग में बेरोजगारी दर में लगातार गिरावट दर्ज की गई है।
2017-18 में बेरोजगारी दर: 6%
2023-24 में घटकर: 3.2%
इसके अलावा, शहरी बेरोजगारी दर में भी मामूली सुधार देखने को मिला है, जो श्रम बाजार में स्थिरता के संकेत देता है।
इंफ्रास्ट्रक्चर और सुरक्षा पर सरकार का फोकस
आर्थिक सर्वेक्षण के अनुसार, सरकार का पूंजीगत व्यय मुख्य रूप से इंफ्रास्ट्रक्चर और सुरक्षा क्षेत्रों पर केंद्रित रहा है। बीते वर्ष कुल पूंजीगत खर्च का 75% हिस्सा केवल तीन क्षेत्रों में लगाया गया—
रक्षा
रेलवे
सड़क परिवहन
निवेश की तस्वीर और R&D पर चिंता
विदेशी निवेश के मामले में सेवा क्षेत्र सबसे आगे रहा, जिसे कुल इक्विटी प्रवाह का 19.1% प्राप्त हुआ। इसके बाद कंप्यूटर सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर सेक्टर का स्थान रहा।
हालांकि, रिसर्च एंड डेवलपमेंट (R&D) को लेकर सर्वे में चिंता जताई गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में औद्योगिक अनुसंधान सीमित है और मुख्य रूप से दवा, आईटी और रक्षा क्षेत्रों तक सिमटा हुआ है। सर्वे में R&D को और व्यापक बनाने की जरूरत पर जोर दिया गया है।
आर्थिक सर्वेक्षण की दो बड़ी उपलब्धियां
सरकार द्वारा पेश आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 में दो अहम बातें सामने आई हैं—
भारत अब जापान को पीछे छोड़ते हुए दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है।
तमाम वैश्विक चुनौतियों के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था 4 ट्रिलियन डॉलर के आंकड़े की ओर तेजी से बढ़ रही है।

