जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: ईरान, सुप्रीम नेता आयतुल्ला खामेनेई की मृत्यु के बाद गहरे संकट में डूबा हुआ है। इस्राइल और खाड़ी देशों के साथ, स्थिति अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर ईरान के निरंतर हमलों से और भी तनावपूर्ण हो गई है। पहले 30 घंटों में ही ईरान पर 2,000 से ज्यादा बम गिराए गए और 1,000 से अधिक सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया। इस संघर्ष में ईरान में मरने वालों की संख्या 742 तक पहुंच चुकी है। इसी बीच, इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ईरान के खिलाफ संभावित सैन्य अभियान को लेकर महत्वपूर्ण बयान दिया है।
नेतन्याहू का बड़ा एलान
नेतन्याहू ने कहा कि ईरान के खिलाफ प्रस्तावित सैन्य कार्रवाई त्वरित और निर्णायक होगी, लेकिन इसका उद्देश्य वर्षों तक चलने वाले संघर्ष को जन्म देना नहीं है। उन्होंने कहा कि इस्राइल किसी अंतहीन युद्ध में उलझना नहीं चाहता और यह अभियान क्षेत्रीय स्थिरता और शांति की दिशा में एक सकारात्मक कदम हो सकता है। नेतन्याहू का मानना है कि मौजूदा संघर्ष इस्राइल के लिए क्षेत्रीय शांति की ओर एक कदम हो सकता है और इससे इस्राइल के अन्य देशों के साथ रिश्तों को सामान्य बनाने का रास्ता खुल सकता है।
इस्राइल का ईरान के प्रति रुख
प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने यह भी स्पष्ट किया कि इस्राइल ईरान के साथ लंबे युद्ध में नहीं उलझना चाहता। उन्होंने कहा कि ईरान में सत्ता परिवर्तन का अंतिम निर्णय वहां की जनता को ही लेना होगा, लेकिन अमेरिका और इस्राइल मिलकर ऐसी परिस्थितियाँ बना रहे हैं, जिससे ईरानी नागरिक अपने भविष्य के बारे में निर्णय ले सकें। इस्राइल का कहना है कि मौजूदा सैन्य अभियान सीमित समय तक चलेगा और इसका उद्देश्य लंबी अवधि की सैन्य कार्रवाई में तब्दील होना नहीं है।
अमेरिकी उपराष्ट्रपति का बयान
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने ईरान के खिलाफ कार्रवाई को लेकर उन आरोपों का खंडन किया, जिनमें कहा गया था कि ट्रंप अपने ‘अंतहीन युद्धों’ से बचने के वादे से पीछे हट रहे हैं। वेंस ने कहा कि ईरान पर सैन्य कार्रवाई इराक और अफगानिस्तान के युद्धों से अलग है, क्योंकि इसका उद्देश्य स्पष्ट रूप से तय किया गया है। वेंस के अनुसार, इस कार्रवाई का मुख्य लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि ईरान परमाणु हथियार न हासिल कर सके।

