जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: एशिया के सबसे अमीर व्यक्ति के मामले में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। दिग्गज कारोबारी गौतम अदाणी ने रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी को पीछे छोड़ते हुए फिर से एशिया के सबसे अमीर व्यक्ति का खिताब अपने नाम कर लिया है। ताजा आंकड़ों के अनुसार, अदाणी की संपत्ति में हालिया बढ़ोतरी ने उन्हें इस सूची में शीर्ष स्थान दिलाया है।
आंकड़ों में संपत्ति का हाल
नवीनतम बदलाव के बाद दोनों भारतीय अरबपतियों की कुल संपत्ति और वैश्विक रैंकिंग इस प्रकार है:
गौतम अदाणी: कुल संपत्ति बढ़कर 92.6 अरब डॉलर हो गई है। वैश्विक स्तर पर वह दुनिया के 19वें सबसे अमीर व्यक्ति बन गए हैं।
मुकेश अंबानी: लंबे समय तक शीर्ष पर रहने वाले अंबानी अब 90.8 अरब डॉलर की संपत्ति के साथ एशिया में दूसरे और दुनिया में 20वें स्थान पर हैं।
क्यों आया यह बदलाव?
अदाणी और अंबानी की रैंकिंग में यह अंतर मुख्य रूप से शेयर बाजार के प्रदर्शन के कारण आया है।
अदाणी ग्रुप का शानदार प्रदर्शन: इस साल गौतम अदाणी की संपत्ति में 8.1 अरब डॉलर की बढ़ोतरी हुई। हाल ही में एक कारोबारी सत्र में, जब बीएसई सेंसेक्स 123 अंक गिर गया, तब भी अदाणी ग्रुप के शेयरों में तेजी रही। अकेले उस दिन उनकी संपत्ति में लगभग 3.56 अरब डॉलर का इजाफा हुआ।
रिलायंस इंडस्ट्रीज का मिला-जुला रुख: दूसरी ओर, मुकेश अंबानी को इस साल अपनी संपत्ति में 16.9 अरब डॉलर की गिरावट का सामना करना पड़ा। हालांकि उन्हें हाल ही में 7.67 करोड़ (76.7 मिलियन) डॉलर का मामूली फायदा हुआ, लेकिन रिलायंस के शेयरों का प्रदर्शन मोटे तौर पर स्थिर रहा, जिससे उनकी रैंकिंग में गिरावट आई।
वैश्विक अरबपतियों की स्थिति
दुनिया के शीर्ष 20 अरबपतियों में से सात को इस साल अपनी संपत्ति में गिरावट का सामना करना पड़ा है। सबसे बड़ा नुकसान लक्जरी ब्रांड के मालिक बर्नार्ड अरनॉल्ट को हुआ, जिनकी संपत्ति 44 अरब डॉलर घटी। इस सूची में बिल गेट्स, वारेन बफे, स्टीव बाल्मर, लैरी एलिसन और मुकेश अंबानी भी शामिल हैं।
वहीं, दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति की बात करें तो टेस्ला के सीईओ एलन मस्क 656 अरब डॉलर की संपत्ति के साथ पहले स्थान पर मजबूती से बने हुए हैं। उनके बाद लैरी पेज 286 अरब डॉलर के साथ दूसरे नंबर पर हैं।
आगे क्या हो सकता है?
अदाणी और अंबानी के बीच संपत्ति का यह अंतर यह दर्शाता है कि शेयर बाजार के उतार-चढ़ाव अरबपतियों की रैंकिंग को कितनी तेजी से बदल सकते हैं। आने वाले समय में यह प्रतिस्पर्धा जारी रहने की संभावना है, जो सीधे उनके कंपनियों के बाजार प्रदर्शन पर निर्भर करेगी।

