- चालक-परिचालकों ने पुन: संचालन की मांग की
- हादसे में तीन बच्चों की मौत की जांच में डिपो पर गाज
जनवाणी ब्यूरो |
जलालाबाद: जलालाबाद रोडवेज बस डिपो बंदकर सहारनपुर से संबद्ध किए जाने के विरोध में जलालाबाद डिपो के कर्मचारियों, चालकों, परिचालकों ने विरोध प्रदर्शन किया।
जलालाबाद स्थित जलालाबाद रोडवेज बस डिपो का प्रारंभ करीब डेढ़ साल पहले अगस्त 2019 में हुआ था। रोडबस स्टेशन का पुनरोद्धार उप्र के कैबिनेट मंत्री सुरेश राणा द्वारा किया गया था, लेकिन गत वर्ष 4 दिसंबर को कस्बा थानाभवन में तीन बच्चों की मौत की मौत के बाद प्रारम्भ हुई जांच के बाद 31 दिसंबर को जलालाबाद रोडवेज बस डिपो को सहारनपुर डिपो से संबद्ध कर दिया गया।

जलालाबाद रोडवेज बस डिपो को बंद किए जाने के विरोध में शनिवार को सेंट्रल रिजिनल वर्कशॉप एवं कर्मचारी संघ के नेतृत्व में जलालाबाद डिपो के कर्मचारियों, चालकों और परिचालकों ने विरोध प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनकारियों ने प्रदेश सरकार पर रोडवेज का निजीकरण करने, रोडवेज के रखरखाव में कोताही बरतने और चालकों व परिचालाकों के शोषण का आरोप लगाया। सेंट्रल रिजिनल वर्कशॉप एवं कर्मचारी संघ ने जलालाबाद डिपो को सहारनपुर से संबद्ध किए का कड़ा विरोध किया। इस दौरान सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई।
प्रदर्शनकारियों में वरूण सिंह, अनुज शर्मा, धनकिशन, अनिल कुमार, वीरपाल, मनोज कुमार, दीपक शर्मा, प्रवीन सैनी, जाहिद अहमद, राहुल शर्मा, आदेश कुमार, हरिओम सैनी, संदीप कुमार, विकास राणा, यशपाल, दीप, विजय, नितिन कुमार, आशु आदि शामिल रहे।

