जनवाणी ब्यूरो |
यूपी: उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले में सात वर्षीय मासूम के अपहरण, दुष्कर्म और हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 50 हजार रुपये के इनामी आरोपी को मुठभेड़ में मार गिराया। बुधवार सुबह मल्लावां कोतवाली क्षेत्र के मटियामऊ के पास हुई इस मुठभेड़ में एसओजी प्रभारी भी गोली लगने से घायल हो गए।
पुलिस के मुताबिक मौके से चोरी की बाइक, पिस्टल, तमंचा, कारतूस और खोखा बरामद किया गया है। मुठभेड़ के दौरान पुलिस जीप की विंडस्क्रीन में भी गोली लगी।
उर्स देखने गया था मासूम, फिर हो गया लापता
मल्लावां कोतवाली क्षेत्र के एक गांव में बीते शुक्रवार और शनिवार को उर्स का आयोजन था। गांव का सात वर्षीय बालक शुक्रवार रात उर्स देखने गया था, लेकिन देर रात तक घर वापस नहीं लौटा।
परिजनों ने काफी तलाश की, लेकिन कोई सुराग न मिलने पर पुलिस को सूचना दी गई। इसके बाद पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
फिरौती मांगकर पुलिस को दी चुनौती
दो मई की शाम बच्चे के पिता के मोबाइल पर एक कॉल आई। कॉल करने वाले ने बच्चे के अपहरण की बात कबूल करते हुए आठ लाख रुपये की फिरौती मांगी। सूचना मिलने के बाद पुलिस सर्विलांस और सीसीटीवी फुटेज की मदद से आरोपी तक पहुंचने की कोशिश में जुट गई।
मक्के के खेत में मिला मासूम का शव
मंगलवार दोपहर गांव से करीब एक किलोमीटर दूर मक्के के खेत में बच्चे का शव मिट्टी में दबा मिला। शव का कुछ हिस्सा बाहर दिखाई दे रहा था। प्राथमिक जांच में दुष्कर्म के बाद गला दबाकर हत्या किए जाने की पुष्टि हुई। इस घटना से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई।
50 हजार का इनामी आरोपी मुठभेड़ में ढेर
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि कन्नौज जिले के ठठिया थाना क्षेत्र के रोरा निस्तौली निवासी मैनूर उर्फ सैनूर उर्फ मेहनुद्दीन की पहचान मुख्य आरोपी के रूप में हुई थी। उस पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था।
बुधवार सुबह मटियामऊ के पास वाहन चेकिंग के दौरान पुलिस ने आरोपी को रोकने की कोशिश की। आरोप है कि आरोपी बाइक से भागने लगा और पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में आरोपी के सीने में दो गोलियां लगीं।
घायल हालत में उसे सीएचसी मल्लावां ले जाया गया, जहां से मेडिकल कॉलेज हरदोई रेफर किया गया। वहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
एसओजी प्रभारी भी घायल
मुठभेड़ के दौरान एसओजी प्रभारी के हाथ में गोली लगी। उन्हें मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है।
सात बार किया फिरौती के लिए फोन
पुलिस सूत्रों के अनुसार आरोपी ने बच्चे के अपहरण के बाद पिता को सात बार फोन किया था। वह कानपुर और आसपास के क्षेत्रों से कॉल कर रहा था। पहले उसने आठ लाख रुपये की मांग की, लेकिन बाद में पांच लाख रुपये लेने पर तैयार हो गया। आरोपी ने परिजनों को कानपुर के रावतपुर रेलवे स्टेशन बुलाया था।
जब परिजनों ने तुरंत नकदी की व्यवस्था में असमर्थता जताई, तो आरोपी ने बैंक खाते में रुपये ट्रांसफर करने की बात कही। इसके लिए उसने कानपुर के किदवईनगर स्थित एक जनसेवा केंद्र संचालक से यूपीआई और बैंक खाता नंबर लेकर परिजनों को भेजा।
हालांकि, फिरौती की रकम पहुंचने से पहले ही बच्चे का शव बरामद हो गया और पुलिस ने आरोपी को मुठभेड़ में मार गिराया।
इलाके में दहशत, पुलिस पर उठे सवाल
इस जघन्य वारदात ने इलाके में भय और आक्रोश का माहौल पैदा कर दिया है। ग्रामीणों ने आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की थी। वहीं घटना के बाद बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े हो गए हैं।

