जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद ममता बनर्जी ने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) को दोबारा मजबूती से खड़ा करने का आह्वान किया है। शुक्रवार को कोलकाता के कालीघाट स्थित आवास पर पार्टी उम्मीदवारों के साथ हुई अहम बैठक में उन्होंने साफ कहा कि जो नेता पार्टी छोड़ना चाहते हैं, वे जाने के लिए स्वतंत्र हैं। बैठक में टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी भी मौजूद रहे।
‘टीएमसी कभी किसी के सामने नहीं झुकेगी’
बैठक के दौरान ममता बनर्जी ने कार्यकर्ताओं और उम्मीदवारों का मनोबल बढ़ाते हुए कहा कि हालिया चुनावी हार के बावजूद पार्टी फिर से मजबूती के साथ वापसी करेगी। उन्होंने कार्यकर्ताओं से क्षतिग्रस्त पार्टी कार्यालयों को दोबारा तैयार करने, रंग-रोगन कराने और उन्हें फिर से सक्रिय करने की अपील की। ममता ने कहा कि जरूरत पड़ी तो वह खुद भी दफ्तरों को पेंट करने में मदद करेंगी।
उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव में जनता के जनादेश को “लूटा गया” है और कहा कि तृणमूल कांग्रेस किसी के सामने झुकने वाली नहीं है।
चुनाव में टीएमसी का खराब प्रदर्शन
294 सदस्यीय पश्चिम बंगाल विधानसभा में टीएमसी इस बार केवल 80 सीटें जीत सकी। पार्टी ने कुल 291 सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे, जबकि तीन सीटें सहयोगी दल बीजीपीएम के लिए छोड़ी गई थीं। चुनाव में पार्टी के 211 उम्मीदवार हार गए, जिनमें कई वरिष्ठ नेता और मंत्री भी शामिल हैं।
सबसे बड़ा झटका तब लगा जब ममता बनर्जी को अपने पारंपरिक गढ़ भवानीपुर सीट से हार का सामना करना पड़ा। चुनाव परिणामों के बाद अब टीएमसी राज्य में विपक्ष की भूमिका निभा रही है।
पार्टी छोड़ने वालों पर क्या बोलीं ममता?
पार्टी के भीतर बढ़ती नाराजगी और नेताओं के दूसरे दलों में जाने की चर्चाओं के बीच ममता बनर्जी ने कहा कि वह किसी को भी जबरदस्ती पार्टी में रोककर रखने में विश्वास नहीं करतीं। उन्होंने कहा कि कुछ नेताओं की अपनी राजनीतिक और व्यक्तिगत मजबूरियां हो सकती हैं, इसलिए जो जाना चाहता है वह जा सकता है।
उम्मीदवारों का बढ़ाया हौसला
बैठक के बाद टीएमसी ने सोशल मीडिया पर बयान जारी कर अपने उम्मीदवारों की सराहना की। पार्टी ने कहा कि उम्मीदवारों ने डर, धमकी और कथित अत्याचारों के बावजूद साहस के साथ चुनाव लड़ा। इस बैठक के जरिए ममता बनर्जी ने स्पष्ट संदेश दिया कि पार्टी हार से निराश नहीं होगी और एकजुट होकर संघर्ष जारी रखेगी।

