जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री भुवन चंद्र खंडूरी के निधन पर दुख जताया। इसके साथ ही पीएम मोदी ने भुवन चंद्र खंडूरी के साथ मुलाकात की पुरानी फोटो भी शेयर की।
पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ”उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री मेजर जनरल (रिटायर्ड) भुवन चंद्र खंडूरी जी के निधन से अत्यंत दुख हुआ है। सशस्त्र बलों से लेकर राजनीतिक जगत में उन्होंने बहुमूल्य योगदान दिया, जिसके लिए उन्हें सदैव याद किया जाएगा।”
उन्होंने आगे लिखा, ”उत्तराखंड के विकास के लिए वे हमेशा समर्पित रहे, जो मुख्यमंत्री के रूप में उनके कार्यकाल में भी साफ तौर पर दिखा। केंद्रीय मंत्री के रूप में भी उनका कार्यकाल हर किसी को प्रेरित करने वाला है। देशभर में कनेक्टिविटी की बेहतरी के लिए उन्होंने निरंतर अथक प्रयास किए। शोक की इस घड़ी में मेरी संवेदनाएं उनके परिजनों और समर्थकों के साथ हैं।”
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एक्स पर लिखा, ”भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता, उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) भुवन चंद्र खंडूरी के निधन का दुखद समाचार प्राप्त हुआ। उनका सम्पूर्ण जीवन देश, समाज और जनसेवा के प्रति समर्पित रहा। दुख की इस घड़ी में मेरी संवेदनाएं शोक संतप्त परिजनों के साथ हैं। ईश्वर से दिवंगत पुण्य आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान और शोकाकुल परिजनों व समर्थकों को यह गहन दुख सहन करने की शक्ति देने की प्रार्थना करता हूं।”
केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने लिखा, ”उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूरी (सेवानिवृत्त) के निधन का समाचार अत्यंत दुखद है। राष्ट्रसेवा, अनुशासन और सुशासन के प्रतीक उनके व्यक्तित्व ने सेना से लेकर सार्वजनिक जीवन तक उच्च आदर्श स्थापित किए। ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति और परिजनों को दुख की इस घड़ी में संबल प्रदान करें।”
पौड़ी गढ़वाल से भाजपा सांसद अनिल बलूनी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ”आज उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री, पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) भुवन चंद्र खंडूरी जी के निधन का दुखद समाचार प्राप्त हुआ। उनका निधन उत्तराखंड एवं राष्ट्र के लिए एक अपूरणीय क्षति है। उन्होंने अपना संपूर्ण जीवन राष्ट्रसेवा, सुशासन, ईमानदार राजनीति एवं उत्तराखंड के विकास के लिए समर्पित किया। अपनी सादगी, कर्मनिष्ठा एवं सिद्धांतों के प्रति अटूट प्रतिबद्धता से उन्होंने सार्वजनिक जीवन में एक आदर्श स्थापित किया। उत्तराखंड राज्य के निर्माण एवं विकास में उनका योगदान सदैव अविस्मरणीय रहेगा। भगवान बद्रीविशाल से प्रार्थना है कि पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें तथा शोकाकुल परिजनों एवं समर्थकों को इस असह्य दुख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें।”

