जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर जालौन के उरई कलक्ट्रेट सभागार में आयोजित कार्यक्रम में उपजिलाधिकारी (न्यायिक) रिंकू सिंह राही का संबोधन सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। कार्यक्रम का एक वीडियो अंश वायरल हो रहा है, जिसमें वह शहीद-ए-आजम भगत सिंह के बारे में कथित तौर पर टिप्पणी करते सुनाई दे रहे हैं। वायरल अंश में उन्हें यह कहते हुए सुना जा सकता है कि आज के समय के हिसाब से भगत सिंह सबसे बड़े बेवकूफ थे और वह कभी अच्छे बच्चे नहीं थे।
हालांकि, सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के सामने आए सीमित अंश से उनके पूरे बयान और उसके संदर्भ की स्पष्ट जानकारी नहीं मिल सकी है। वीडियो सामने आने के बाद लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कुछ लोगों ने इसे शहीद भगत सिंह का अपमान बताते हुए नाराजगी जताई है, जबकि कुछ लोग पूरे संबोधन को संदर्भ सहित देखने की बात कह रहे हैं।
भगत सिंह भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के प्रमुख क्रांतिकारियों में शामिल थे। उन्होंने ब्रिटिश शासन के खिलाफ संघर्ष किया और महज 23 वर्ष की आयु में शहादत दी। ऐसे में स्वतंत्रता दिवस के मौके पर उनके व्यक्तित्व और योगदान को लेकर सामने आए कथित बयान ने स्थानीय स्तर पर भी चर्चा तेज कर दी है।
तहसीलदार और नायब तहसीलदार पर विभागीय कार्रवाई की संस्तुति
इसी बीच, एसडीएम (न्यायिक) उरई रिंकू सिंह राही ने तहसीलदार शिरीश कुमार मिश्र और नायब तहसीलदार राहुल यादव के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की संस्तुति की है। यह मामला राजस्व वाद की सुनवाई के दौरान निर्धारित नियमों का पालन नहीं किए जाने से जुड़ा है।
एसडीएम न्यायिक ने दोनों अधिकारियों की ओर से प्रस्तुत आख्या को उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता के नियमों के विपरीत पाया। कार्रवाई की संस्तुति करते हुए मामला राजस्व परिषद, लखनऊ को भेजा गया है। साथ ही अन्य संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए जिलाधिकारी को भी पत्र भेजा गया है।
यह मामला वाद संख्या टी-202606350305945, भगीरथ बनाम अमर सिंह से संबंधित है। वाद उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता, 2006 की धारा 116 के तहत दर्ज किया गया था और मौजा बड़ेरा, परगना उरई से जुड़ा है। वाद 27 अप्रैल 2026 को दाखिल हुआ था और उसी दिन पहली सुनवाई हुई। इसके बाद 2 मई और 22 मई को भी सुनवाई हुई। बाद में मामला न्यायालय में स्थानांतरित कर दिया गया।
न्यायालय ने तहसीलदार और नायब तहसीलदार से संबंधित प्रक्रिया पर आख्या मांगी थी। इसके जवाब में तहसीलदार शिरीश कुमार मिश्र और नायब तहसीलदार राहुल यादव ने 5 अगस्त को अपनी-अपनी आख्या प्रस्तुत की।
आख्या और पत्रावली में सामने आया विरोधाभास
एसडीएम न्यायिक के पत्र के अनुसार, दोनों अधिकारियों ने अपनी आख्या में कुर्रा तैयार करने के दौरान उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता-2016 के नियमों का पालन किए जाने की बात कही। हालांकि, संबंधित पत्रावली में कुर्रा प्रस्तुत किए जाने का कोई रिकॉर्ड नहीं मिला।
पत्र में यह भी कहा गया है कि आख्या में कुर्रा की वास्तविक स्थिति स्पष्ट नहीं की गई। न्यायालय ने इस स्थिति को गंभीरता से लिया है। यदि पत्रावली में कुर्रा प्रस्तुत ही नहीं किया गया था और इसके बावजूद नियमों के पालन की बात कही गई, तो यह राजस्व प्रक्रिया में गंभीर लापरवाही का मामला माना जा सकता है।
इस पूरे प्रकरण ने राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली और अधिकारियों की जवाबदेही को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं। वहीं, आईएएस अधिकारी रिंकू सिंह राही के कथित भगत सिंह संबंधी बयान का वायरल वीडियो अलग से सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है।

