जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: सावन के सोमवार के दिन बिहार के लखीसराय स्थित अशोकधाम मंदिर में भगदड़ जैसी स्थिति के बाद पश्चिम बंगाल से भी हादसे की दर्दनाक खबर सामने आई है। बीरभूम जिले के प्रसिद्ध तारापीठ मंदिर क्षेत्र में एक चार मंजिला होटल में सोमवार तड़के भीषण आग लग गई। हादसे में सात लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य के झुलसने की खबर है। पुलिस ने मृतकों की संख्या की पुष्टि की है।
पुलिस के मुताबिक, आग सुबह करीब 5 बजे होटल की पहली मंजिल पर लगी। उस समय अधिकांश श्रद्धालु और होटल में ठहरे लोग सो रहे थे। आग लगने की सूचना मिलते ही दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया।
हादसे में प्रभावित लोगों को इलाज के लिए रामपुरहाट सरकारी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल सूत्रों ने शुरुआत में पांच लोगों की मौत की जानकारी दी थी, लेकिन बाद में पुलिस ने मृतकों की संख्या बढ़कर सात होने की पुष्टि की। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि हादसे में अब तक सात लोगों की जान जा चुकी है।
शॉर्ट सर्किट से आग लगने का दावा
होटल प्रबंधन की ओर से शुरुआती तौर पर आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट बताई जा रही है। हालांकि, आग के वास्तविक कारणों की आधिकारिक जांच की जा रही है।
कोलकाता की रहने वाली एक महिला भी होटल में ठहरी हुई थी और किसी तरह आग से बचकर बाहर निकलने में सफल रही। उसने बताया कि अचानक होटल के भीतर धुआं तेजी से फैल गया। कुछ ही देर में सांस लेना मुश्किल हो गया और बाहर निकलने का रास्ता तलाशना बेहद चुनौतीपूर्ण हो गया।
सोते हुए श्रद्धालुओं के बीच मची अफरा-तफरी
अधिकारियों के अनुसार, मृतकों में कुछ श्रद्धालु भी शामिल हैं, जो प्रसिद्ध तारापीठ काली मंदिर में पूजा-अर्चना के लिए पहुंचे थे। आग के समय होटल में कई तीर्थयात्री अपने कमरों में सो रहे थे। धुआं कमरों में भरने के बाद वहां अफरा-तफरी मच गई और कई लोगों को बाहर निकलने में परेशानी हुई।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, आग सबसे पहले होटल के रिसेप्शन क्षेत्र में लगी और देखते ही देखते इसकी लपटें होटल के अन्य हिस्सों तक फैल गईं। दमकल विभाग की दो गाड़ियां रामपुरहाट से मौके पर पहुंचीं और राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया गया।
मृतकों की पहचान में जुटा प्रशासन
आग में झुलसे और धुएं से प्रभावित लोगों को रामपुरहाट मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस और प्रशासन की टीमें मृतकों की पहचान करने में जुटी हैं। हादसे के बाद तारापीठ में सुरक्षा व्यवस्था और होटल में अग्निशमन इंतजामों को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।

