जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: मणिपुर में शनिवार को हिंसा की दो अलग-अलग घटनाओं ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ा दी। नोनी जिले में एक सशस्त्र संगठन के दो गुटों के बीच हुई गोलीबारी में एक उग्रवादी की मौत हो गई, जबकि छह अन्य घायल हो गए। वहीं, थौबल जिले में एक तेल पंप के अंदर ग्रेनेड फेंके जाने से धमाका हुआ। हालांकि, इस घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।
नोनी में दो गुटों के बीच हुई गोलीबारी
पुलिस के मुताबिक, शनिवार तड़के नोनी जिले में जेलियांगरोंग यूनाइटेड फ्रंट-कामसन (ZUF-K) और जेलियांगरोंग यूनाइटेड फ्रंट-जेंचुई (ZUF-J) के कैडरों के बीच किसी बात को लेकर टकराव हो गया। देखते ही देखते दोनों पक्षों के बीच गोलीबारी शुरू हो गई। इसमें 37 वर्षीय जांगैलिंग गोनमेई की मौत हो गई, जबकि छह लोग घायल हुए हैं।
पुलिस ने बताया कि पांच घायलों को इंफाल स्थित जवाहरलाल नेहरू इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज में भर्ती कराया गया है। सभी की हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है। एक अन्य घायल का इलाज इंफाल के ही एक निजी अस्पताल में चल रहा है।
थौबल में तेल पंप पर ग्रेनेड से धमाका
शनिवार शाम थौबल जिले में भी हिंसा की एक अलग घटना सामने आई। पुलिस के अनुसार, कुछ अज्ञात लोग कार से एक तेल पंप पर पहुंचे और परिसर में खड़े तेल टैंकर के पास ग्रेनेड फेंक दिया। घटना शाम करीब 6:30 बजे की बताई जा रही है। ग्रेनेड के धमाके के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई, लेकिन किसी के घायल होने की सूचना नहीं है। घटना के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
अधिकारियों के मुताबिक, आरोपियों की पहचान के लिए तेल पंप और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। पुलिस हमले के पीछे शामिल लोगों और घटना के मकसद का पता लगाने में जुटी है।

