ये हैं वो लोग जिनकी लापरवाही गाजियाबाद के मुरादनगर में दो दर्जन से ज्यादा जिंदगियों पर भारी पड़ गई। गाजियाबाद पुलिस ने इन चारों समेत कुछ अन्य लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। अब इंतजार है एक्शन का। वहीं, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गाजियाबाद प्रशासन से इस हादसे की पूरी रिपोर्ट मांगी है।
- मुरादनगर में श्मशान घाट की छत गिरने के कारण हुआ हादसा
- अब तक 25 लोगों की हो चुकी है मौत, कई गंभीर रूप से घायल
- सीएम योगी आदित्यनाथ ने तलब की है ए-टू-जेड रिपोर्ट
जनवाणी ब्यूरो |
गाजियाबाद: मुरादनगर में श्मशान घाट में हुए हादसे में अब तक 25 लोगों की मौत हो चुकी है। घटना पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संज्ञान लेते हुए तत्काल राहत पहुंचाने और कार्रवाई के निर्देश दिए। ठेकेदार, नगरपालिका की कार्यपालन अधिकारी समेत कई लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज हो चुकी है। इस मामले में ईओ, इंजीनियर और सुपरवाइजर को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि ठेकेदार अभी भी फरार है।
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ये हैं नामजद आरोपी
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निहारिका सिंह: ईओ, मुरादनगर नगरपालिका—– गिरफ्तार चंद्रपाल: जूनियर इंजीनियर——————— गिरफ्तार आशीष: सुपरवाइजर————————- गिरफ्तार अजय त्यागी: ठेकेदार———————— फरार |
घोटाले ने ली लोगों की जान ?
घटना के बाद से सवाल उठ रहा है कि क्या श्मशान घाट में हुए घोटाल ने ले ली लोगों की जान? स्थानीय लोगों के मुताबिक, तीन महीने पहले श्मशान घाट का छत डाला गया था, जिसमें कच्ची रेत का इस्तेमाल किया गया। लोगों ने कहा कि श्मशान घाट की छत में घोटाला हुआ, जिसका नतीजा ये था कि जरा सी बारिश में ढह गया। खैर पूरे मामले की रिपोर्ट तलब की गई है, अब देखना होगा कि सरकार क्या कार्रवाई करती है।
पीएम मोदी ने भी जताया दुख
हादसा इतना भीषण था कि खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी इससे विचलित हो गए। उन्होंने ट्वीट करके कहा, ‘मुरादनगर में हुए दुर्भाग्यपूर्ण हादसे की खबर से अत्यंत दुख पहुंचा है। राज्य सरकार राहत और बचाव कार्य में तत्परता से जुटी है। इस दुर्घटना में जान गंवाने वालों के परिजनों के प्रति संवेदना प्रकट करता हूं, साथ ही घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं।’
अंतिम संस्कार के दौरान गिरा छत
अपने परिजन के अंतिम संस्कार के लिए श्मशान घाट पहुंचने परिवार और रिश्तेदारों ने सपने में भी नहीं सोचा होगा कि बारिश से बचने के लिए जिस शेड की तरफ वो कदम बढ़ा रहे हैं, वहीं उनकी जीती जागती कब्रगाह जाएगी। प्रत्यक्षदर्शी के मुताबिक, उसके दादा का अंतिम संस्कार चल रहा था और बाकी लोग दूर खड़े होकर देख रहे थे। इसी दौरान जोर की आवाज आई और जब वो उस तरफ दौड़े तो देखा छत के नीचे कई लोग दबे हुए थे।
अब तक 25 लोगों की मौत
प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि इस हादसे में उनके चाचा की भी मौत हो गई जबकि बड़े चाचा का लड़का अभी भी मलबे के नीचे दबा हुआ है। देवेंद्र ने बताया की उनके पिता को कंधे पर चोट आई है लेकिन, वो हादसे में बाल बाल बच गए। इस हादसे में अब तक 25 लोगों की मौत हो चुकी है। मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपए की आर्थिक सहायता का ऐलान यूपी सरकार ने तो कर दिया है।

