जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: महाराष्ट्र में दिवाली से पहले खाद्य सुरक्षा को लेकर खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने बड़ी कार्रवाई की है। राज्य में चलाए गए विशेष निरीक्षण अभियान के दौरान ब्लिंकइट और जेप्टो से जुड़े प्रतिष्ठानों समेत 105 खाद्य व्यापार प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित कर दिए गए हैं। इसके अलावा, नियमों के गंभीर उल्लंघन पाए जाने पर सात प्रतिष्ठानों को कारोबार बंद करने का आदेश दिया गया है।
एफडीए ने शुक्रवार को जारी आधिकारिक बयान में बताया कि यह कार्रवाई 4 और 5 नवंबर को पूरे महाराष्ट्र में की गई। जांच के दौरान खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, साफ-सफाई, भंडारण और सुरक्षा से जुड़े नियमों में कई खामियां सामने आईं।
ब्लिंकइट और जेप्टो समेत 105 प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई
एफडीए के मुताबिक, जिन 105 खाद्य व्यापार प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित किए गए हैं, उनमें क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म ब्लिंकइट और जेप्टो से जुड़े प्रतिष्ठान भी शामिल हैं। इसके अलावा खाद्य निर्माता, मिठाई की दुकानें, होटल, रेस्तरां और कैटरिंग सेवाएं देने वाले प्रतिष्ठान भी कार्रवाई के दायरे में आए हैं।
निलंबित लाइसेंसों का क्षेत्रवार विवरण इस प्रकार है:
नासिक डिवीजन: 39 लाइसेंस
मुंबई: 28 लाइसेंस
पुणे: 20 लाइसेंस
अमरावती: 15 लाइसेंस
छत्रपति संभाजीनगर: 2 लाइसेंस
ठाणे: 1 लाइसेंस
नियामक संस्था के अनुसार, निलंबित प्रतिष्ठानों में मुंबई की ब्लिंक कॉमर्स प्राइवेट लिमिटेड और जेप्टो लिमिटेड भी शामिल हैं।
सात प्रतिष्ठानों को कारोबार बंद करने का आदेश
निरीक्षण के दौरान गंभीर अनियमितताएं मिलने पर एफडीए ने सात खाद्य प्रतिष्ठानों को अपना कामकाज बंद करने का निर्देश दिया है। इनमें पुणे के तीन, अमरावती के दो और मुंबई तथा कोंकण डिवीजन के एक-एक प्रतिष्ठान शामिल हैं।
कार्रवाई के दायरे में मुंबई का राजधानी बिरयानी सेंटर, ठाणे जिले के भिवंडी स्थित आराधना ड्राईफ्रूट स्वीट्स और पुणे के तीन खाद्य प्रतिष्ठान भी आए हैं। एफडीए ने स्पष्ट किया है कि जिन प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित किए गए हैं, वे निलंबन की अवधि के दौरान खाद्य कारोबार नहीं कर सकेंगे।
निरीक्षण में मिलीं ये गंभीर खामियां
दिवाली से पहले चलाए गए विशेष अभियान के दौरान खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता से जुड़े कई नियमों का उल्लंघन सामने आया। एफडीए के अनुसार, जांच में मुख्य रूप से ये कमियां पाई गईं:
- खाद्य पदार्थों के निर्माण और भंडारण के दौरान साफ-सफाई का अभाव।
- खाने-पीने की चीजों को गलत तरीके से संभालना और पैक करना।
- कीट नियंत्रण यानी पेस्ट कंट्रोल की उचित व्यवस्था नहीं होना।
- खाद्य पदार्थों के लिए जरूरी तापमान नियंत्रण की व्यवस्था का अभाव।
- आवश्यक रिकॉर्ड और प्रमाणपत्र उपलब्ध नहीं होना।
- इन खामियों को खाद्य सुरक्षा के लिए गंभीर मानते हुए संबंधित प्रतिष्ठानों के खिलाफ कार्रवाई की गई।
1.35 करोड़ रुपये की खाद्य सामग्री जब्त
दो दिनों तक चले निरीक्षण अभियान में एफडीए ने 70 से अधिक प्रतिष्ठानों से कुल 1.35 करोड़ रुपये मूल्य की 39,485.42 किलोग्राम खाद्य सामग्री जब्त की। जब्त किए गए सामान में मावा, खोया, पनीर, घी, खाद्य तेल, फरसान, सूखे मेवे और विभिन्न प्रकार की मिठाइयां शामिल थीं।
क्षेत्रवार जब्ती की बात करें तो पुणे डिवीजन सबसे आगे रहा। यहां 49.36 लाख रुपये मूल्य की 14,429.7 किलोग्राम खाद्य सामग्री जब्त की गई। इसके बाद कोंकण डिवीजन में 32.52 लाख रुपये और नासिक डिवीजन में 28.35 लाख रुपये मूल्य के खाद्य उत्पाद जब्त किए गए।
गुटखा-पान मसाला भी जब्त, दो लोग गिरफ्तार
खाद्य सुरक्षा विभाग ने तीन स्थानों से प्रतिबंधित खाद्य उत्पाद गुटखा और पान मसाला भी जब्त किया। इनकी कुल कीमत 7.96 लाख रुपये बताई गई है। इस मामले में तीन एफआईआर दर्ज की गईं और दो लोगों को गिरफ्तार किया गया। इसके अलावा, 4.70 लाख रुपये मूल्य के दो वाहन भी जब्त किए गए। कार्रवाई के दौरान दो प्रतिष्ठानों को सील भी किया गया।
निलंबन के दौरान नहीं चला सकेंगे खाद्य कारोबार
महाराष्ट्र FDA ने साफ किया है कि खाद्य सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित किए गए हैं। ऐसे प्रतिष्ठान निलंबन की अवधि में खाद्य कारोबार संचालित नहीं कर सकते।

