- शहर घंटाघर स्थित मंडी में बड़ी संख्या में पहुंच रहे संक्रमित कबूतर
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: बर्ड फ्लू के लक्षण यहां कबूतरों में नजर आए हैं। शहर घंटाघर स्थित कबूतर मंडी में बड़ी संख्या में ऐसे कबूतर पहुंचे हैं जिनमें संक्रमण की बात कही जा रही है। इन कबूतरों की उड़ने की क्षमता एकाएक खत्म हो गयी है। जो कबूतर आसमान में जाकर बंद हो जाते थे या जो कबूतर आधे आसमान से ऊपर तक जाते थे और पूरा पूरा दिन आसमान में रहते थे और देर शाम लौट थे।
उनमें से कई की हालात का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि एक फुट तक भी नहीं उड़ पर हैं। पशु स्वास्थ्य अधिकारियों के मुताबिक यह बर्ड फ्लू के लक्षण है। इसमें परिंदों की गर्दन अकड़ जाती है। सीधी नहीं हो पाती पूरी तरह से विपरीत घूम जाती है। इस दशा में परिंदों को चौंच से दाना उठाने में काफी परेशानी होती है। भरपेट दाना न उठाने के कारण अनेक परिंदे मर भी जाते हैं।
हालांकि जो कबूतर पालते हैं उन्होंने बताया कि यह बीमारी हमेशा जाडेÞ के सीजन में आती है। और इस सीजन में जिन कबूतरों या अन्य परिंदों को यह बीमारी लगती है वो फिर दोबारा पहले जैसी स्थिति में उड़ने के काबिल नहीं रहते हैं। उनसे केवल अड्डे बच्चे ही लिए जा सकते हैं। लेकिन कबूतर मंडी के कारोबारी बताते हैं कि उनकी भाषा में इस बीमारी को लकवा मार जाना कहते हैं।
बेहद कीमती कबूतर इस सीजन में आकर इस बीमारी का शिकार होते हैं। यह बीमारी कबूतरों के लिए जानलेवा है। सबसे चौंकाने वाली बात तो यह है कि इस बीमारी का आज तक कोई इलाज तक नहीं इजाद किया जा सका है। जो कबूतर इस संक्रमण की चपेट में आते हैं वो हमेशा के लिए उड़ने से बेकार हो जाते हैं।
ये कहना है डीएओ का
जिला पशु चिकित्साधिकारी अनिल कंसल का कहना है कि शहर घंटाघर स्थित कबूतर मंडी में संक्रमित परिंदों के पहुंचने की फिलहाल कोई जानकारी उनके पास नहीं है। यदि कोई सूचना मिलती है तो तत्काल ऐक्शन लिया जाएगा। वन विभाग से भी इस आश्य की कोई रिपोर्ट अभी तक नहीं पहुंची है।

