जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: खिर्वा बाइपास पर निर्माणाधीन अंडरपास भी निर्धारित समय से एनएचएआई पूरा नहीं कर पा रही है। एक वर्ष के भीतर यह निर्माण पूरा किया जाना था, मगर दो वर्ष से ज्यादा निर्माण चलते हो गए हैं, लेकिन निर्माण अभी अधूरा है। जिस तरह से निर्माण कार्य चल रहा है, ऐसे तो छह माह में भी निर्माण पूरा हो जाए, ऐसा नहीं लगता हैं। बेसिक भी अभी तैयार नहीं है।
मिट्टी का बेस बनाया जाना हैं, जो लटका हुआ है। बीच में खुदाई के बाद ज्यो का त्यो निर्माण लटका है। इसमें मिट्टी का काम किया जाना है। वहीं मिट्टी पड़ी है, जो सर्विस रोड से उठाई गयी थी, उससे ज्यादा मिट्टी भी अभी नहीं पड़ी हैं। इस हिसाब से तो सिर्फ अंडरपास पर लेंटर डाल दिया, बाकी निर्माण अधूरा हैं। लेंटर में समय लगता हैं, लेकिन यहां अंडर पास को कनेक्ट करने वाली जो मिट्टी का बेसिक तैयार की जानी चाहिए थी।
वह नहीं किया गया। एनएचएआई के अधिकारी भी इसके निर्माण को लेकर लापरवाह बने हुए हैं। अंडरपास के दोनों तरफ मिट्टी का बेस बनेगा, जो अधूरा हैं। इसके बाद ही इस पर कंकरीट डाली जाएगी, फिर काली सड़क बनेगी। इस तरह से इसमें काफी समय लगता है, लेकिन लापरवाही की हद होती हैं।
एनएचएआई के अधिकारियों ने पहले यह कहकर पीछा छुड़ाया था कि कोरोना के चलते प्रोजेक्ट में विलंब हुआ हैं, लेकिन लॉकडाउन खत्म हुए लंबा समय बीत गया, लेकिन काम आगे नहीं बढ़ पा रहा हैं। सूत्रों का कहना है कि बीच में ठेकेदार की लेवर भाग गई थी, जिसके चलते कुछ समय के लिए काम रुक गया था।

