- ब्रिटेन से आए परिवार की न्यू ईयर सेलिब्रेट पार्टी में बड़ी संख्या में शामिल हुई थी महिलाएं
- करीब 600 के संक्रमित होने की आशंका, संसाधन की कमी के चलते सभी के टेस्ट नहीं
- कांटेक्ट ट्रेसिंग कर स्वास्थ्य विभाग ने केवल चुनिंदा के ही सैंपल भेजे टेस्ट के लिए दिल्ली लैब
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: ब्रिटेन स्ट्रेन के पांच और नए केस मिलने मिलने से हड़कंप मच गया है। स्वास्थ्य विभाग डिजास्टर मैनेजमेंट में जुट गया है। शासन को रिपोर्ट भेज दी गयी है। वहीं, दूसरी ओर पता चला है कि ब्रिटेन से आए दंपति ने न्यू ईयर सेलिब्रेशन के नाम पर जो पार्टी की थी। उसमें बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल हुई थीं। करीब 600 लोग आसपड़ोस के अलावा दूरदराज से भी आए ऐसे हैं। जिनको सर्विलांस टीम संदिग्ध मान कर चल रही है। हालांकि इतनी मात्रा में सैंपल लेकर नहीं भेजे गए हैं।
कांटेक्ट ट्रेसिंग में पाए गए क्लोज
ब्रिटेन के स्ट्रेन के जो केस बुधवार को पॉजिटिव पाए गए हैं उनको स्वास्थ्य विभाग की जिला सर्विलांस टीम ने ट्रैक कर किया था। कांटेक्ट ट्रेसिंग के ये वो लोग थे जो ब्रिटेन से आए दंपति के बेहद करीबी रहे हैं। जिसकी वजह से इन तक आसानी से ब्रिटेन का स्ट्रेन वायरस पहुंच गया था।
करीब 600 हैं संदिग्ध
स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों की मानें तो ब्रिटेन दंपति के मेरठ लौटने के बाद तथा उनकी ढाई साल की बेटी के संक्रमित पाए जाने के बाद सर्विलांस की टीम ने जब ट्रैक करना शुरू किया तो इनका दायर देकर टीम के सदस्य हैरान रह गए। बताया जाता है कि करीब 600 ऐसे थे, जिनको संदिग्ध माना गया था। एक बड़ा एरिया है जहां वो लोग पहुंचे हैं।
सभी की टेस्टिंग संभव नहीं
600 संदिग्ध माने जाने के बाद भी सभी की टेस्टिंग संभव नहीं थी। इसके चलते जांच का दायर बढ़ाया गया। कुछ चुनिंदा इलाके इसके लिए चुने गए, जहां से सैंपल उठाए गए। केवल उनके सैंपल लिए गए प्रथम दृष्टया जिनमें संक्रमण की शंका नजर आयी। इसके अलावा ऐसा नहीं कि जिस इलाके में दंपति आए थे। सारे सेंपल केवल उसी इलाके से उठाए गए, अन्य इलाकों से भी सैंपल उठाए गए।
अभी क्षमता में भारी कमी
पता चला है कि सभी संदिग्धों के लिए पूल सैंपलिंग न कराए जाने का एक बड़ा कारण कोरोना के ब्रिटेन स्ट्रेन की टेस्टिंग क्षमता की कमी का होना बताया गया है। नई दिल्ली स्थित जिस लैब में ब्रिटेन के वायरस स्ट्रेन की जांच की जा रही है फिलहाल वहां इस वायरस की जांच को लेकर संसाधनों का टोटा है। इसके अलावा ज्यादा सैंपल इसलिए भी नहीं भेजे जाते हैं ताकि एकाएक पैनिक न हो। जो गाइड लाइन स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से तय की गयी है। उसके अनुसार सैंपल लिए जा रहे हैं।
और भी आ सकते हैं पॉजिटिव
स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों की मानें तो ब्रिटेन के स्ट्रेन वायरस के अभी और भी पॉजिटिव केस आ सकते हैं। बुधवार को पांच नए केसों की रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ गयी है। इसके साथ ही जांच का दायरा भी बढ़ा दिया गया है। हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं कि जिनकी जांच या सैंपल लिए जा रहे हैं। उनमें से कितने सैंपल नई दिल्ली लैब भेजे जाने हैं।
सतर्कता बरता रहा है स्वास्थ्य विभाग
स्वास्थ्य विभाग की सर्विलांस टीम द्वारा लिए गए जो सैंपल ब्रिटेन के स्ट्रेन पॉजिटिव मिले हैं उनकी पहचान छिपाने को लेकर स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से सतर्कता बरत रहा है। सीएमओ डा. अखिलेश मोहन ने मीडिया से भी इसको लेकर गंभीर व जिम्मेदारी निभाने को कहा है। किसी की पहचान उजागर न होने पाए इस बात का खास ध्यान रखा जा रहा है। सीएमओ ने बताया कि सभी को इलाज के लिए भर्ती करा दिया गया है।

