- भाजपा विधायक ने राष्ट्रीय अध्यक्ष नड्डा को लिखी चिट्ठी
- सरकार, संगठन व खुद की छवि खराब होने का आरोप
- अधिकारियों की मनमानी का भी लगाया आरोप
जनवाणी ब्यूरो |
देहरादून: उत्तराखंड में भाजपा सरकार में अंदर ही अंदर कुछ पक रहा है। पार्टी में सीनियर विधायक पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व मंत्री बिशन सिंह चुफाल, दो बार के विधायक पूरन सिंह फर्त्याल के बाद अब रायपुर विधानसभा से भाजपा विधायक उमेश शर्मा काऊ ने भी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा को पत्र भेजकर मुलाकात का समय मांगा है।
लंबे चैड़े इस पत्र में काऊ ने लिखा है कि उनकी विधानसभा में पिछले दो साल से विकास के कोई कार्य नहीं हो रहे हैं जिससे वह बेहद आहत हैं और अपनी बात रखने के लिए मुलाकात का समय चाहते हैं। काऊ ने पत्र लिखने की पुष्टि तो की साथ ही यह भी कहा कि यह पार्टी का अंदरूनी मामला है। कांग्रेस से भाजपा में आए वर्तमान रायपुर विधायक उमेश शर्मा काऊ ने भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष को चिट्ठी लिखकर उत्तराखण्ड के कुशासन पर बेहद तल्खी दिखा है।
दो प़न्नों की इस चिट्टी में काऊ ने लिखा है कि वे कांग्रेस मुक्त उत्तराखण्ड के संकल्प और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तथा उनकी पार्टी पर विश्वास करके भाजपा में शामिल हुए थे लेकिन विगत 3 सालों से उनकी विधानसभा क्षेत्र में सरकार ने कोई विकास कार्य नहीं कराए है। इसके कारण जनता में सरकार व पार्टी और उनके प्रति उदासीनता बढ़ रही है जो चिंताजनक है।
त्रिवेंद्र सिंह रावत और शहरी विकास मंत्री की शिकायत करते हुए काऊ ने लिखा है कि नगर विकास, लोक निर्माण विभाग, विद्युत विभाग, पेयजल जैसी तमाम विभागों ने उनके क्षेत्र में बार-बार कहने के बावजूद भी कोई विकास कार्य नहीं कराए हैं। काऊ ने लिखा है कि उन्हें अत्यंत पीड़ा के साथ कहना पड़ रहा है कि शासन के अधीनस्थ अधिकारी गण ओदशों का पालन नहीं करते। काऊ ने लिखा कि सरकार और मंत्रियों द्वारा बार-बार अधिकारियों को निर्देशित करने के उपरांत भी आज की डेट तक भी कोई कार्यवाही नहीं की गई है।
आरोप- नगर निगम नहीं करवा रहा काम
रायपुर के विधायक काऊ का कहना है कि सौ वार्डों वाले देहरादून नगर निगम के विस्तार के बाद अकेले 24 वार्ड उनकी विधानसभा से हैं। नगर निगम में आने के बाद पिछले दो साल से उनकी विधानसभा में आवास एवं नगर विकास विभाग, लोक निर्माण विभाग, विद्युत विभाग और पेजयल विभाग द्वारा कोई काम नहीं किया जा रहा। इससे क्षेत्र में सरकार, संगठन और खुद उनकी छवि खराब हो रही है।
पत्र में कहा गया है कि शहर की आंतरिक सड़कों को नगर निगम को हस्तांतरित कर दिया गया है। इसकी वजह से सड़कों का मरम्मत और निर्माण कार्य लोक निर्माण विभाग से नहीं कराया जा रहा और नगर निगम खुद कर नहीं रहा है। यही नहीं नाबार्ड से रायपुर विधानसभा के लिए करोड़ों रुपये का बजट बाढ़ सुरक्षा, सड़क एवं पेयजल योजनाओं के लिए मिलता था लेकिन अब नगर निगम में आ जाने के कारण नाबार्ड से स्वीकृत सभी कार्य भी ठप पड़ गए हैं।
बदले की कार्रवाई से जोड़ रहे लोग
काऊ के इस पत्र को भाजपा की अंदरूनी राजनीति से भी जोड़कर देखा जा रहा है। नगर निगम चुनाव के दौरान काऊ का एक आडियो वायरल हुआ था जिसके आधार पर उन पर पार्टी प्रत्याशी सुनील उनियाल गामा के विरोध में काम करने का आरोप लगा था। पार्टी ने उनको तब नोटिस भेजकर तलब किया था।
अब सुनील उनियाल गामा देहरादून के मेयर हैं और रायपुर का अधिकांश हिस्सा नगर निगम के दायरे में आ चुका है। गामा को मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत का नजदीकी माना जाता है। राजनीति में यह महज इत्तेफाक नहीं हो सकता कि काऊ के विधानसभा में काम नहीं हो रहे हैं और उन्हें राष्ट्रीय अध्यक्ष को पत्र लिखना पड़ रहा है।

