कानून के तहत उसकी सदस्यता समाप्त पर कार्रवाई करने के बजाय धारण किए हुए हैं खामोशी
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: किसानों को झूठ बोलकर गुमराह कर रहे भाजपा विधायक अवतार सिंह भड़ाना द्वारा दो साल पूर्व विधानसभा अध्यक्ष एवं पार्टी अध्यक्ष को दिए गए त्याग पत्र को स्वीकार कर बर्खास्त करना चाहिए। यह मांग रविवार को पत्रकार वार्ता करते हुए ओबीसी मोर्चा के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य मुखिया गुर्जर ने कही। साथ ही उन्होंने कहा कि अगर भड़ाना ने विधानसभा से इस्तीफा दिया तो उसे सार्वजनिक करना चाहिए।
मुखिया गुर्जर ने कहा कि 2017 के विधानसभा चुनाव में मीरापुर विधानसभा में भाजपा के टिकट पर अवतार सिंह भड़ाना विधायक निर्वाचित हुए थे और डेढ़ साल बाद भी पार्टी से त्यागपत्र देकर कांग्रेस के टिकट पर फरीदाबाद संसदीय क्षेत्र से प्रत्याशी बने और चुनाव हारे। परंतु देश में यह एक एकलौता उदाहरण है कि भाजपा से विधायक होते हुए कांग्रेस के टिकट पर लोकसभा का चुनाव लड़ता है और दो साल बीत जाने के बाद भी हमारी पार्टी उसके खिलाफ दल बदल विरोधी कानून के तहत उसकी सदस्यता समाप्त करने की कार्रवाई करने के बजाय खामोशी धारण किए हुए है।
यह मीरापुर की जनता के साथ बहुत बड़ा धोखा है। जोकि प्रतिनिधि विहीन होने की वजह से उस क्षेत्र के विकास कार्य ठप पड़े और प्रशासन जनता की सुनवाई नहीं कर रहा है। इतना ही नहीं मुखिया गुर्जर ने कहा कि यह स्वस्थ लोकतंत्र की मर्यादा का हनन है। पिछले दिनों हरियाणा में किसानों का आंदोलन में भाग लेते हुए अवतार सिंह भड़ाना ने भाजपा को ठोकर पर रखने जैसी बात कही थी।
साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विरुद्ध भाषा बोलते हुए कहा कि विधानसभा अध्यक्ष को विधायक का त्याग पत्र और पार्टी के भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष को पत्र देकर आया हूं और पार्टी के पद को ठोकर रखता हूं। उनमें हिम्मत है तो मेरा त्यागपत्र स्वीकार करें।
मुखिया ने कहा कि इस बात का वीडियो रिकॉर्डिंग भी है। इसकी वीडियो रिकॉर्डिंग उन्होंने भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जय प्रकाश नड्डा, प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह को दी है। अपने राजनीतिक लाभ के लिए यदि भड़ाना उत्तर प्रदेश में आते हैं तो दल बल के साथ सड़क पर उनका विरोध करूंगा और उनसे त्यागपत्र की कॉपी मांगा। जिसका वह दावा कर रहे हैं। प्रेसवार्ता में विक्टर राघव, भंवर सिंह पुंडीर, निखिल त्यागी, नीरज नागर, सुभाष सैनी आदि रहे।

