- उफ! मार डाला महंगाई ने
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: एलपीजी गैस से रसोई में खाना बनाने वाली गृहणियों के लिए बुरी खबर है। तेल कंपनियों ने बजट के बाद गैस की कीमतों में इजाफा कर दिया है। देश की सबसे बड़ी आॅयल मार्केटिंग कंपनी इंडियन आॅयल कॉरपोरेशन लिमिटेड की एलपीजी ईकाई इंडेन गैस ने गुरुवार से एलपीजी गैस की कीमतों में वृद्धि कर दी है। इंडेन की वेबसाइट के अनुसार गैस सब्सिडी वाले गैस सिलेंडर की कीमत मेरठ में 25 रुपये बढ़ गई है। हालांकि कॉमर्शियल गैस की कीमत 6 रुपये कम कर दी गई है।
ताजा वृद्धि के बाद मेरठ में एलपीजी की कीमत 719 हो गई है। जबकि जनवरी में दिल्ली में रसोई गैस 694 रुपये में मिल रही थी। अमूमन गैस कंपनियां महीने के पहले दिन गैस की नई कीमतें निर्धारित करती हैं, लेकिन बजट जारी होने के कारण इस महीने एक तारीख को कीमतों में कोई परिवर्तन नहीं किया गया था। नए साल यानी 2021 के जनवरी में भी तेल कंपनियों ने घरेलू रसोई गैस सिलेंडर उपभोक्ताओं को राहत देते हुए कीमतों में कोई वृद्धि नहीं की थी।
हालांकि कमर्शियल उपभोक्ताओं 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमत में 17 रुपये की बढ़ोतरी कर दी थी। इंडियन आॅयल की बेवसाइट के मुताबिक दिल्ली में 14.2 किलोग्राम बिना सब्सिडी वाले एलपीजी रसोई गैस सिलेंडर की कीमत 719 रुपये,15 दिसंबर को दिल्ली में 14.2 किलोग्राम बिना सब्सिडी वाले रसोई गैस की कीमत 694 रुपये थी।
19 किलोग्राम कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत दिल्ली में 1533 रुपये, कोलकाता में 1598.50 रुपये, मुंबई में 1482.50 रुपये और चेन्नई में 1649 रुपये होगी। जनवरी में तेल कंपनियों ने बड़ी राहत जरूर दी थी, लेकिन इससे पहले दिसंबर में तेल मार्केटिंग कंपनी ने घरेलू रसोई गैस सिलेंडर की कीमतों में दो बार में 100 रुपये प्रति सिलेंडर की बढ़ोतरी की थी। कंपनी ने पहले दो दिसंबर को 50 रुपये बढ़ाए और इसके बाद 15 दिसंबर को दोबारा 50 रुपये बढ़ा दिये गए।
- बजट में लॉलीपाप, हकीकत में पेट्रोल की कीमतें बढ़ी
- कृषि सेस के नाम पर खामोशी के बाद 27 पैसे प्रति लीटर बढ़े
मेरठ: हर कोई इस बात से आश्चर्यचकित था कि लोकसभा में बजट के दौरान वित्त मंत्री ने ऐलान किया था कि पेट्रोल पर कृषि सेस लगाया जा रहा है, लेकिन इससे कीमतों में कोई वृद्धि नहीं होगी, लेकिन सरकार के यह दावे तीन दिन भी नहीं चल पाए और पेट्रोल की कीमतें आसमान छूने लगीं। गुरुवार को पेट्रोल की कीमतों में 27 पैसे की वृद्धि कर दी गर्ई। पेट्रोल के दाम अब तक के सर्वाधिक उछाल वाले साबित हुए और 85.53 प्रति लीटर हो गए।
गुरुवार को इंटरनेशनल बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी देखने को मिली। ओपेक और उसके सहयोगी देशों ने बुधवार को उत्पादन कम बनाए रखने की नीति पर सहमित जताई। इसके अलावा अमेरिका में क्रूड भंडार गिरने की खबर से क्रूड की कीमतों में तेजी आई है। गुरुवार को ब्रेंट क्रूड वायदा 4 सेंट यानी 0.1 फीसदी की बढ़त के साथ 58.50 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।
यूएस वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (डब्ल्यूटीआई) क्रूड वायदा गुरुवार को 13 सेंट या 0.2 प्रतिशत बढ़कर 55.82 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। इस तरह क्रूड की कीमतें एक साल की ऊंचाई पर पहुंच गई है। इस बार भले कच्चे तेल की कीमतें बढ़ने के कारण दाम बढ़ाये गए हों, लेकिन हर बार जब इंटरनेशल स्तर पर क्रूड आयल के दाम कम हो रहे थे तब भी आयल कंपनियां पेट्रोल और डीजल के दाम लगातार बढ़ाती रही है।
कोरोना काल से लेकर अब तक लगभग 13 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि पेट्रोल में हो चुकी है। विशेषज्ञों का मानना है कि पेट्रोल में कृषि सेस लगाने के बाद से पेट्रोल और डीजल के दामों में वृद्धि हर हाल में होगी। 31 जनवरी को पेट्रोल की कीमत 85.40 पैसे प्रति लीटर थी।
आयल कंपनिया लगातार पैसों के हिसाब से दाम बढ़ाने में लगी हुई हैं और अगर इसी तरह रफ्तार चलती रही तो पेट्रोल 100 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच जाएगा। हैरानी की बात यह है कि भारत के पड़ोसी देशों नेपाल, बांग्लादेश और श्रीलंका में पेट्रोल काफी सस्ता बिक रहा है।

